ज्रेडा अन्य विभागों के साथ मिलकर सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिये जलाशयों को कर रहा चिह्नित

रांची। राज्य में सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है. पिछले कुछ सालों से राज्य में इस पर काम तेजी से किया जा रहा है. वहीं नहरों और डैमों में सोलर पैनल लगाने की कवायद भी पिछले कुछ समय से की जा रही है. इसके लिये ज्रेडा की टीम अलग अलग इलाकों में काम कर रही है. ऐसे नहरों और डैमों को भी चिह्नित किया जा रहा है जहां कैनल टॉप लगाया जा सकता है. इसके लिये जल संसाधन विभाग और कृषि विभाग के साथ मिलकर ज्रेडा काम कर रही है. सोलर कैनाल पैनल के लिये उपर्युक्त स्थानों की सूची तैयार कर, इन इलाकों का सर्वे किया जायेगा. इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना है कि अगर कोई नहर या डैम या अन्य जल स्रोत,जो वन संरक्षित क्षेत्र में आते हैं तो इसके लिये फॉरेस्ट क्लीयरेंस को जरूरी बताया गया है.

सौर नीति के तहत हो रहा काम
राज्य में कैनाल टॉप सोलर पैनल के लिये नयी सोलर पॉलिसी के तहत काम किया जा रहा है. नयी सोलर पॉलिसी के तहत राज्य में आने वाले कुछ सालों में तीन हजार मेगावाट सोलर एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत रूफ टॉप सोलर पैनल, सोलर कैनाल टॉप समेत अन्य योजनाओं को बढ़ावा देते हुए सोलर एनर्जी उत्पादन बढाना है.

सिकिदरी से हो रहा दो मेगावाट उत्पादन
सिकिदरी हाईडल पावर प्लांट से सोलर एनर्जी उत्पादन किया जा रहा है. जिससे दो मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है. यहां नहर के ऊपर सोलर पैनल लगाया गया है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल उत्पादन किया जा रहा है. उत्पादित बिजली रांची और रामगढ़ को दी जा रही है. हालांकि इसे बाद में बढ़ाया जायेगा. ज्रेडा की मानें तो सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिये अलग अलग आयामों पर काम किया जा रहा है. जिसमें एक कैनाल रूफ टॉप है. नहरों का उपरी भाग किसी अन्य काम में इस्तेमाल नहीं होता है. ऐेसे में नहरों में सोलर रूफ टॉप लगाने से बिजली उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी.

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