लोहरदगा l 8 सितंबर को आजसू कार्यकर्ताओं पर झारखंड की निकम्मी सरकार के इशारे पर रांची पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बरतापूर्ण ढंग से लाठी चार्ज करना निंदनीय ही नहीं अत्यंत शर्मनाक है। यह बातें आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह लोहरदगा के पूर्व विधायक कमल किशोर भगत ने कही। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने की मांग को लेकर झारखंड के 8 जिलों के लोग 8 सितंबर को सामाजिक न्याय मार्च निकाल कर रांची मोरहाबादी मैदान के बापू वाटिका से पैदल चलकर विधानसभा सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर भारी संख्या में ग्रामीणों से हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री के नाम स्मार पत्र मुख्यमंत्री को सौंपने वाले थे। इस मांग पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को स्मरण कराना था कि चुनाव पूर्व उनकी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में तथा चुनावी आम सभाओं में कहा था कि हम सत्ता में आते हीं पहली कैबिनेट की मीटिंग में ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने का काम करेंगे, लेकिन लगभग 2 साल बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं किया गया। परिणाम स्वरूप आजसू कार्यकर्ता सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए 6 , 7 और 8 सितंबर को 8-8 जिले में विभाजित होकर लगभग 10 लाख लोगों से हस्ताक्षरित स्मरण पत्र मुख्यमंत्री को सौंपने जा रहे थे। इस शांतिपूर्ण सामाजिक न्याय मार्च में शामिल महिला- पुरुषों को राज्य सरकार के इशारे पर रांची पुलिस प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज कर बर्बरता पूर्ण ढंग से पिटाई करना बहुत ही निंदनीय एवं शर्मनाक घटना है। कमल किशोर भगत ने कहा कि इस सामाजिक न्याय मार्च में लोहरदगा से भी भारी संख्या में सभी प्रखंडों से आजसू कार्यकर्ता रांची गए थे और शांतिपूर्ण ढंग से रैली में पैदल चल रहे थे। जब अचानक लाठी चार्ज होने लगा तब लोहरदगा के भी कई आजसू कार्यकर्ताओं को इस लाठीचार्ज से गंभीर चोटें आई हैं। इस बर्बरता पूर्ण कार्रवाई में पार्टी के संजू सिंह, अनिल साहू, साजिद कलाल, मुनिया उरांव, पार्वती देवी सहित दर्जनों महिला- पुरुष कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आजसू पार्टी इस अलोकतांत्रिक कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती है और आने वाले समय में इस अपमान का बदला चुन-चुन कर लेने का संकल्प करती है। कमल किशोर भगत ने कहा कि इस घटना का विरोध स्वरूप केंद्रीय निर्देशानुसार आज 9 सितंबर को सायं 6:00 बजे झारखंड के 24 जिले और 260 प्रखंड मुख्यालयों में हेमंत सरकार का पुतला दहन किया जाएगा।