हजारीबाग । अभी हाल में झारखंड विधानसभा में हुए लाठीचार्ज को लेकर बीजेपी खेमा लगातार हेमंत सोरेन पर जुबानी वार कर रही है। हर जिले में भाजपाइयों द्वारा काला दिवस मनाया जा रहा है जिसमे आजसू पार्टी का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस दौरान लाठीचार्ज का एक तस्वीर भी वायरल किया जा रहा है जिसमे एक महिला को बुरी तरह से पुलिस फोर्स के द्वारा जमीन पर पटक कर रखा गया है। इस तस्वीर को बीजेपी के बड़े बड़े नेता ट्वीट कर रहे हैं और सरकार पर धावा बोल रहे हैं। मगर किसी प्रदर्शन में महिलाओं के साथ ऐसी बर्बरता कोई नई बात नहीं है। सरकार चाहे बीजेपी की हो या फिर जेएमएम की, प्रोटेस्ट के दौरान महिलाओं पर पुलिस के डंडे खूब चले हैं। बीजेपी की सरकार में भी जब आंगनबाड़ी सेविकाओं ने धरना प्रदर्शन किया था, उस वक्त भी सामने आई तस्वीरों ने सबों को रुला दिया था। पुलिस के डंडे उनपर भी बेरहमों की तरह बरसाए गए थे। हमे वो दिन भी नहीं भूलने चाहिए जब जामिया में चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस वालों ने छात्राओं पर भी जम कर लाठियां भांजी थीं। कुछ तस्वीरे तो ऐसी भी सामने आई थी जिसमे उनके कपड़े फटे हुए थे और उन्होंने आरोप लगाया था उनके प्राइवेट पार्ट्स पर भी पुलिस वालों ने बुरी तरह से मारा है। महिला प्रदर्शनकारियों पर वार की बात करें तो वो दिन भी याद आता है जब मार्क्स को लेकर प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर खुद एसडीएम ने लाठियां भांजी थीं। ये भी हेमंत सोरेन की ही सरकार थी। इतना तो साफ हो गया की सरकार चाहे किसी की भी हो, प्रदर्शनों के दौरान महिलाओं पर खूब लाठियां चलती हैं। अब सवाल यह उठता है की महिलाओं पर यह लाठियां चलना कब बंद होगा।