लोहरदगा l स्वच्छता के बिना समाज के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। जहां स्वच्छता है वहीं स्वस्थ मन का वास है। सरकार ने इसी सोच के साथ स्वच्छ भारत मिशन का आगाज किया था। इस अभियान के तहत लोहरदगा जिले में भी काफी संख्या में शौचालय बनाए गए, परंतु दुर्भाग्य पूर्ण रूप स्थिति यह है कि जागरूकता के अभाव में इन शौचालयों का उपयोग नहीं हो रहा है। इसके पीछे की वजह स्पष्ट है कि शौचालय तो बने पर लोगों की सोच में बदलाव नहीं आया। शौचालय महज एक योजना बन कर रह गया। लोगों ने इसका उपयोग करने से लोगों ने खुद को अलग करके रखा। थोड़ी चूक प्रशासन की रही और बहुत ज्यादा अचूक ग्रामीणों की भी कही जा सकती है। लोहरदगा जिले में 30 जून 2021 तक पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के माध्यम से जिले के कुल सात प्रखंडों में 4600 रुपये और 12 हजार रुपये की लागत से क्रमश: 1276 और 58297 शौचालय के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। जिसके विरुद्ध 55679 शौचालय का निर्माण कार्य पूरा किया गया। जबकि 2618 शौचालय का निर्माण कार्य किसी न किसी वजह से आज तक पूरा नहीं हो सका। इसके अलावा एनओएलबी के तहत 13213 शौचालय का निर्माण के लक्ष्य के विपरीत जिले में 10850 शौचालय का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। वहीं 1873 शौचालय का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है। शौचालय के निर्माण के लिए लोगों में जागरूकता तो नजर आई, पर उसके उपयोग को लेकर लोग जागरूक नजर नहीं आए। अन्य जनप्रतिनिधियों और समाज के बुद्धिजीवी वर्ग की भूमिका भी इसमें नहीं दिखाई दी। परिणाम स्वरूप लाखों-करोड़ों रुपये शौचालय के निर्माण में बर्बाद होकर रह गए। आज भी लोग खुले में शौच जाने के लिए विवश हैं। कहीं पर शौचालय खंडहर में तब्दील हो चुके हैं तो कहीं शौचालय में ताला लटका रहता है। कहीं पर शौचालय कूड़े का ढेर बने हुए हैं। लोहरदगा में शौचालय निर्माण की स्थिति प्रखंड एसबीएम एनओएलबी

कैरो 5658 819, कुडू 12299 1846, लोहरदगा 9460 1549, किस्को 5799 1626, भंडरा 5421 3747 , सेन्हा 11594 1243 , पेशरार 5448 20