हिंदी राष्ट्र की संस्कृति का हिस्सा है, इसके संरक्षण में हमसब की भूमिका अहम : डॉ मुनीष गोविंद

हजारीबाग। बीते 7 सितंबर से आईसेक्ट विश्वविद्यालय सभागार में प्रारंभ हुए राजभाषा सप्ताह कार्यक्रम के पांचवें दिन शनिवार को कला एवं प्रदर्शन स्नातकोत्तर चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के लिए संगीत एवं हिंदी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मौके पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि हिंदी भाषा को जन-जन की भाषा बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को प्रबल बनाने के लिए सरकारी कामकाज में भी इसका प्रयोग अनिवार्य करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा हिंदी राष्ट्र की संस्कृति का हिस्सा है और इसके संरक्षण में हम सब की भूमिका अहम है। लोगों के बीच हिंदी का प्रयोग अधिक से अधिक हो, इस पर विचार किए जाने की जरूरत है। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि हम चाहे कितनी भाषाओं में प्रवीणता क्यूं ना हासिल कर लें, पर अपनी भाषा हिंदी में काम करना हम सब को गर्व का एहसास कराता है।
संगीत प्रतियोगिता के निर्णायक मंडली में डॉ जया शाही, डॉ विनोद कुमार, डॉ रोज़ी कांत, डॉ रूद्र नारायण शामिल रहे। जबकि निबंध प्रतियोगिता के निर्णायक मंडली में डॉ श्वेता सिंह, सुरेश महतो, रिचा व रविकांत शामिल थे। बताते चलें कि हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित राजभाषा सप्ताह कार्यक्रम आगामी 14 सितंबर तक चलेगा, जिसमें हिंदी भाषा को बढ़ावा देने को लेकर हर दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बतौर कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रोज़ी कांत, डॉ ललित कुमार, अभिनव कुमार, उमा कुमारी, प्रीति व्यास, संजय कुमार दांगी व गोकुल कुमार की अहम भूमिका रही। मौके पर विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक, प्राध्यापिकाओं के साथ साथ कई विद्यार्थी मौजूद थे।