हजारीबाग । एक तरफ तुगलकी फरमान दूसरी तरफ विधानसभा घेराव के दरम्यान निहत्थे भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओ के ऊपर पुलिस के द्वारा अंधाधुंध लाठी डंडे चलाकर घायल व मूर्छित अवस्था मे छोड़ देना हेमन्त सरकार की अमानवीय चरित्र को उजागर करता है। उक्त बातें प्रदेश कार्य समिति सदस्य बटेश्वर प्रसाद मेहता ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा महामहिम राज्यपाल से ऐसी सरकार को बर्खास्त करने की मांग करती है। मेहता ने कहा कि विधानसभा घेराव कार्यक्रम के वक्त जिन पुलिसकर्मियों ने निहथे कार्यकर्ताओं व नेताओं के ऊपर बेवजह जान से मारने की नीयत से लाठी डंडे से पीटा है उन्हें चिन्हहित कर सरकार निलंबित करें तथा निर्दोष नेताओं व कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे एफ आई आर को वापस ले, नही तो भाजपा चुप बैठने वाली नही है। उन्होंने कहा कि राजनीति में सबको धरना प्रदर्शन व बिरोध दर्ज करने का संवेधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हेमन्त सरकार के द्वारा एक वर्ग बिशेष विधायको को नमाज अदा करने के लिए विधानसभा में कमराआवंटित किए जाने के बिरोध स्वरूप पार्टी ने पांच दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई थी उसी के तहत गुरुवार को कार्यकत्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। महेता ने कहा कि हरमू मैदान से विधानसभा की दूरी लगभग आठ किलोमीटर की होगी। कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए भारत माता की जय का नारा लगाते हुए मर्यादित तरीके से आगे बढ़ रहे थे। उस दरम्यान बीच मे पुलिस खड़ी तमाशबीन थी। जब विधानसभा के तीन किलोमीटर पहले सुनसान स्थान पर जैसे ही कार्यकर्ता पहुंचे पुलिस ने अंधाधुंध लाठी चलाना शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि यह सब विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी , प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश सहित अन्य नेताओ को निशाना बनाकर वॉर किया गया प्रतीत होता है। मेहता ने कहा कि अब झूठा एफ आई आर को आधार बनाकर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को डराकर मुद्दे से भटकाने के लिए हेमन्त सरकार चाह रही है जिसे भाजपा सब समझ रही है।अगर झूठे एफ आई आर को हेमन्त सरकार वापस नही लेती है तो सड़क पर उतरकर जोरदार बिरोध प्रदर्शन कर हेमन्त सरकार को झुकने के लिए मजबूर करेगी।