लोहरदगा l आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक कमल किशोर भगत ने बयान जारी कर कही है। उन्होंने कहा कि इरफान अंसारी के द्वारा विधानसभा में महेंद्र राम नामक कांग्रेसी कार्यकर्ता को पंडित बनाकर सदन में लाना और उसे मथुरा का पंड़ा बताना शुद्ध रूप से मानसिक दिवालियापन और कांग्रेसी मानसिकता का ही परिचायक है। श्री भगत ने कहा कि इस तरह की हरकत कांग्रेसी विधायक के द्वारा करना कांग्रेस पार्टी की कौन सी धर्मनिरपेक्षता है, यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है देश की आजादी के बाद जितने भी तरह के देश में दंगा भड़के या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा उसमें कहीं ना कहीं कांग्रेसी नेताओं का ही योगदान रहा है। कांग्रेसी नेता धर्मनिरपेक्षता की आड़ में हमेशा इसी तरह की गंदी हरकत कर राजनीति करते हैं, किंतु उन्हें समझना चाहिए कि यह 21वीं सदी का भारत है। अब झारखंड के लोग समझदार और जागरूक हो चुके हैं। ऐसी घिनौनी हरकतों का जवाब देना जनता को बखूबी आता है। इरफान अंसारी सहित ऐसे मानसिकता वाले सत्ताधारी नेताओं को जनता सबक सिखा देगी और ऐसे लोग फिर कभी राजनीति के पटल पर भविष्य में नजर भी नहीं आएंगे। कमल किशोर भगत ने कहा कि राजनेता सिर्फ जनता के प्रतिनिधि ही नहीं समाज के पथ प्रदर्शक भी होते हैं। अतः अपने किसी भी क्रियाकलाप से समाज को क्षति न पहुंचे और आपसी भाईचारा ना बिगड़े इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। कमल किशोर भगत ने कहा कि जनता उनके इस करतूत को देख निश्चित रूप से यह जानना चाहेगी कि आखिर इस तरह की क्रियाकलाप से इरफान अंसारी राज्य की जनता के बीच किस प्रकार का संदेश देने का इरादा रखते हैं।