लोहरदगा l जिले के बगडू थाना क्षेत्र के हेंसापीढ़ी गांव स्थित पुराने जर्जर लैंपस भवन से एक शव का अवशेष मिला है। अवशेष के रूप में मात्र कुछ हड्डियां, खोपड़ी, बाल, कपड़े, बेल्ट और चप्पल बरामद किए गए हैं। हालांकि प्रारंभ में ग्रामीण इस अवशेष की पहचान हेंसापीढ़ी गांव निवासी बब्बन खेरवार के पुत्र सोनू खेरवार (14 वर्ष) के रूप में कर रहे थे, परंतु पुलिस फिलहाल इसकी पहचान को लेकर स्पष्ट नहीं है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि बरामद शव के साथ आखिर क्या हुआ था। जिसका भी शव है, उसकी हत्या हुई थी या फिर उसके साथ कोई और घटना हुई है। हालांकि अब भी सोनू के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बगड़ू थाना प्रभारी रंजन कुमार सिंह का कहना है कि जब तक फॉरेंसिक जांच और डीएनए जांच सहित आगे की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती है, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो सकेगा कि शव किस व्यक्ति का है। ग्रामीण कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि किसी ने खोपड़ी और हड्डियां यहां भ्रम फैलाने के लिए इस जर्जर लैंपस भवन में लाकर रख दिया गया है। ग्रामीणों के बयान की भी जांच की जा रही है। प्रारंभ में ग्रामीण यह कह रहे थे कि बब्बन खेरवार ने अपने पुत्र सोनू खेरवार को डेढ़ महीने पहले किसी बात को लेकर घरवाले दो चार थप्पड़ मारे थे। इसके बाद से सोनू खेरवार घर से भाग गया था। काफी खोजबीन के बावजूद उसके बारे में कोई सुराग नहीं लगा। ग्रामीण शुरुआत में इस अवशेष को सोनू के होने पर संदेह जता रहे थे। इधर दो-तीन दिनों से हेंसापीढ़ी के पुराने भवन से दुर्गंध आ रही थी। जब दुर्गंध काफी ज्यादा बढ़ गई तो शनिवार को कुछ ग्रामीणों ने वहां जाकर देखा। वहां के हालात देखकर ग्रामीण हैरान हो गए। लैंस के जर्जर भवन परिसर में एक खोपड़ी, कुछ हड्डियां, बाल, कपड़े, चप्पल, बेल्ट आदि पड़े हुए थे। ऐसा लग रहा था कि किसी मवेशी ने शरीर के बाकी हिस्सों को नोच खाया हो। इसके बाद मामले की सूचना बगडू थाना पुलिस को दी गई। पुलिस पूरे मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। घटना को लेकर आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।