लोहरदगा l पतजंलि योग समिति भरतस्वाभिमान जिला लोहरदगा झारखण्ड के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर लोहरदगा में एक दिन का विशेष योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिला प्रभारी एवं मुख्य योग प्रशिक्षक प्रवीण कुमार भारती ने यौगिक जॉगिंग, विभिन्न आसनों व प्राणायाम का अभ्यास के साथ साथ सही स्वास्थ्य के लिए उचित आहार विहार अपनाने को कहा।उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने हेतु प्राणायाम का अत्यधिक महत्व है।प्राणायाम से शरीर के आंतरिक अंगों के व्यायाम के साथ साथ मन और विचारों की भी शुद्धि होती है, नकारात्मक विचार नहीं आते और हृदय,फेफड़ा, आंते,किडनी तथा नस नाड़ियों का परिशोधन हो जाता है।वात पित्त और कफ के दोष प्रकुपित नहीं हो पाते।अष्टाङ्ग योग हमारे शरीर को दिव्य बनाता है।वहीं मंडूकासन ,वक्रासन, भुजंगासन ,नौकासन ,पवनमुक्तासन आदि पेट के समस्त रोग गैस,कब्ज,एसिडिटी, अपच,अजीर्ण के लिये रामबाण की तरह काम करते हैं।नियमित रूप से शयन जागरण के साथ उचित समय पर आहार लेना और तनावरहित रहना ,निरन्तर योगाभ्यासी होना स्वस्थ जीवन की गारंटी है।हर कोई स्वस्थ और ऊर्जावान रहना चाहते हैं इसके लिए पतजंलि योग समिति से शिविर हेतु सम्पर्क कर सकते हैं और समिति द्वारा आयोजित निःशुल्क योगशिविर में आकर योग व आयुर्वेद का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।शिविर में छतीसगढ़ से आये आयुर्वेद के डॉक्टर रविशंकर सिंह ने शरीर के सप्तधातुओं सहित स्व्स्थ जीवनशैली के विषय पर प्रकाश डाला।योगप्रशिक्षक एवं अनुग्रह नारायण उच्च विद्यालय के प्राचार्य आचार्य गणेश शास्त्री ने योग आयुर्वेद को अपनाने और वैदिक जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया और कहा कि आज जब अनेक नए नए रोग पनप रहे हैं ऐसे समय में योग आयुर्वेद ही एकमात्र विकल्प है जो हमें बचा सकती है।संरक्षक शिवशंकर सिंह ने प्राशिक्षुओं से निरन्तर योग करने और संगठित होकर योग के प्रचार प्रसार की बात कही जिससे अंतिम व्यक्ति और सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोग भी लाभान्वित हो सकें।प्रशिक्षण में मुख्य रूप से वैद्यनाथ प्रजापति,रघुनंदन ,विजय जायसवाल, रमाकांत,रामशुभग राय,विनोद सिंह,दिनेश प्रजापति,सुरेश चंद्र पांडे आदि ने भाग लिया।आगामी शानिवार एवं रविवार को भी विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया जायेगा।शिविर का लाभ लेने के लिए पतजंलि योग समिति के पदाधिकारियों से सम्पर्क किया जा सकता है।