लोहरदगा । स्टार ग्रामीण रोजगार संस्थान (RSETI) और बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से आज जेएसएलपीएस स्वयं सहायता समूहों से चयनित 30 महिलाओं का 30 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (महिला दर्जी एवं स्वेटर बुनाई) दिए जाने का शुभारंभ जिला के उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो द्वारा किया गया। यह प्रशिक्षण आरसेटी भवन में संचालित किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत पर उपायुक्त ने कहा कि रोजगार परक प्रशिक्षण का यह दूसरा अवसर है।इसके पूर्व चिरी में यूनिफार्म सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया है जिसमे 60 प्रशिक्षित महिलाएं किस्को में सिलाई कार्य से जुड़ी हैं। यूनिफार्म की तरह स्वेटर निर्माण की योजना फिलहाल स्कूली बच्चों के लिए प्रारंभ करायी जा रही है। आने वाले समय में अन्य निजी क्षेत्र के विद्यालयों/ लोगों के लिए भी स्वेटर बनाने के लिए ऑर्डर दिलाने का प्रयास करना होगा।समय पर जाड़े के लिए बच्चों को स्वेटर आवंटित हो। महिलाओं को हमें स्वावलंबी बनाना है। हमें उन्हें पलायन से रोकना है। लोहरदगा जिला को हमें आदर्श के रूप से स्थापित करना है। ऐसे उद्योग स्थापित करने से रोजगार के साथ-साथ आय भी होगी और लोहरदगा जिला आदर्श जिला बनेगा। अभी किस्को प्रखण्ड में 100 महिलाओं को किस्को स्थित सिलाई-सह-उत्पादन केंद्र में रोजगार मुहैया कराया गया है। वे प्रतिमाह 6-10 हजार रुपये स्कूली बच्चों का ड्रेस सिलाई कर कमा रही हैं। आप सब भी मन लगाकर स्वेटर बुनाई का प्रशिक्षण प्राप्त करें। प्रशिक्षण के उपरांत एक आउटलेट/दुकान जिला परिषद या नगर परिषद की ओर से उपलब्ध कराया जायेगा ताकि आप अपना उत्पाद शहर में विक्रय कर सकें।

स्वरोजगार मन लगाकर करें तो नौकरी की आवश्यकता नहीं

उपायुक्त ने कहा कि अगर आप मन लगा कर पूरी मेहनत के साथ स्वरोजगार से जुड़ें तो आप को नौकरी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हमलोगों ने इससे पूर्व किस्को में महिलाओं का चयन कर सिलाई-सह-उत्पादन केंद्र की शुरुआत की। पूर्व में महिलाओं को आवासीय प्रशिक्षण में ढलने में थोड़ी मुश्किल हुई लेकिन एक बार इस व्यवस्था में ढल जाने के बाद वे अब पूरी तन्मयता के साथ सिलाई केंद्र में उत्पादन कार्य से जुड़ चुकी हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, अपने बच्चों को शिक्षा भी दिला रही हैं। इस केंद्र की शुरुआत एससीए फण्ड से की गई थी। इसके अतिरिक्त खुद के काम के लिए इस प्रशिक्षण की बदौलत बैंक से ऋण भी मिलेगा। यहां के लोग पलायन करते हैं। भट्ठों में काम कर जब यहां वापस आते हैं तो बहुत अच्छी खासी रकम उनके पास नहीं होती है।

अभाव में भी करना होगा संघर्ष

उपायुक्त ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आपको संघर्ष करने के लिए तैयार रहना होगा। संकल्प लेकर ही बदलाव लाया जा सकता है। किसी को दोष देना खुद की कमजोरी बताना है।

जिला प्रशासन ने करायी शुरूआत

उपायुक्त ने कहा कि अभी सिलाई केंद्र में अभी ड्रेस के साथ-साथ जुट के उत्पाद व जर्सी का भी निर्माण हो रहा है। अभी पांच प्रखण्डों में बच्चों का पोषाक वितरण पूरा हो गया है। इसके अलावा इस ग्रुप को पूरी तरह व्यवसायिक बनाना है। सिर्फ ड्रेस निर्माण पर निर्भर नहीं है। जूट व जर्सी का भी काम किस्को में चल रहा है। स्थानीय स्तर पर भी बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास की जा रही है।आपसी समन्वय बनाकर प्रशिक्षण में काम करें एक दूसरे से जात धर्म के विभेद न करें।हम सभी मनुष्य हैं,आपस मे समानता का व्यवहार रखें।आप अभी ऊन की बनाई,कटाई,सिलाई का प्रशिक्षण लें ।साथ ही मार्केटिंग का काम भी करना होगा।आप सभी को पैकेटिंग तथा मार्केटिंग कर व्यवसाय करना है।इज्जत की रोटी खाना है और पलायन से बचना है।

उत्पादन से जुड़ने पर मिलेगा लाभ

उप विकास आयुक्त ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत ही अच्छा है। अभी किस्को प्रखंड में सिलाई-सह-उत्पादन केंद्र चल रहा है जिसमें मशीन सरकार के द्वारा स्थापित किया गया है। महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इससे पहले अब तक सरकार के द्वारा विद्यालयों में पोशाक वितरण के लिए कोष दिया जाता रहा है लेकिन इसका लाभ कंपनियां ले जाती रही हैं। चुंकि अब जिला में ही पोशाक निर्माण होने से इसका सीधा लाभ उत्पाद में जुड़ी महिलाओं को मिल रहा है।
जिला शिक्षा अधीक्षक अखिलेश चौधरी ने कहा कि छोटे छोटे उद्योग लगेंगे तो रोजगार मिलेगा और उपार्जन होगा।परिवार खुशहाल होगा।जिले में 3 करोड़ का व्यापार शिक्षा विभाग से मिलेगा।
कार्यक्रम में एलडीएम पंचू भगत, जेएसएलपीएस कार्यक्रम प्रबंधक प्रकाश कुमार, जिला प्रबंधक (स्किल व रोजगार) मैरी कुल्लू, आरसेटी निदेशक मयंक कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।