जमशेदपुर । जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने राज्य सरकार से इंकैब मामले में NCLT में हस्तक्षेप याचिका दायर करने तथा श्रमिकों के बकाया भुगतान के लिए शीघ्र कदम उठाने की मांग की है. राय ने बुधवार को मुख्य सचिव सुखदेव सिंह से मिलकर ह आग्रह किया | राय ने उनसे आग्रह किया कि सरकार इंकैब के मामले में हस्तक्षेप करे ताकि केबुल कंपनी को नीलामी से बचाया जा सके और केबुल कर्मियों के हितों का संरक्षण किया जा सके. पूर्व मंत्री ने मुख्य सचिव को सौंपे तीन पन्नों के पत्र में यह भी बताया है कि किन-किन बिंदुओं के आधार पर राज्य सरकार इस मामले में एनसीएलटी के सामने हस्तक्षेप कर सकती है. सरयू राय के अनुसार मुख्य सचिव ने 40 मिनट चली वार्ता में इस मुद्दे पर काफी दिलचस्पी दिखायी. उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस मामले में वे कानूनी सलाह लेंगे और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे |

पत्र में सरयू राय ने कहा है कि उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि स्वार्थी समूहों ने जानबूझकर मुनाफे में चल रहे इंकैब को बीमार बना दिया और इसके पुनरूद्धार के प्रयत्नों को मुकदमेबाजी की भेंट चढ़ा दिया. उपायुक्त, ने कहा है कि ‘‘उक्त बीमार कंपनी का पुनरुद्धार एवं उसके श्रमिकों के हितों की रक्षा एवं कल्याण नीतिगत मामला प्रतीत होता है जो सरकार के स्तर से ही संभव होगा.’’ उन्होंने लिखा है कि BIFR द्वारा बीमार घोषित होने के बाद भी इंकैब की संपति की लूट बदस्तूर जारी है | श्रमिकों का वेतन, पीएफ, ग्रेच्यूटी आदि बाकी है. इसकी परिसंपत्ति में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों की भी हिस्सेदारी है. विगत 21 वर्षों से जो कारगुजारियाँ चल रही है, उससे इंकैब श्रमिकों की हकमारी हो रही है |