पलामू । 18 साल जेल की सजा काट लौटे भाकपा माले के वरिष्ठ नेता का. डॉ. बीएन सिंह ने कहा कि आगामी 27 सितम्बर को पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में सरकारी भूमि पर काबिज गरीब लोगों को दबंग लोगों द्वारा बेदखल किए जाने के खिलाफ आन्दोलन की शुरूआत की जाएगी. उन्होंने कहा कि वे अबतक पांच बार जेल ही यात्रा कर चुके हैं, इसके बावजूद जनवादी उसूलों के प्रति उनमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. कामरेड बीएन सिंह बुधवार को भाकपा माले के जिला कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि पलामू के गैर मजरूआ जमीन अरसे से झुग्गी झोपड़ी बना कर खेतीहर मजदूर रहते आए हैं, जिनके पास कोई कागजात नहीं है. ऐसे लोगों को दबंग तत्वों द्वारा बेदखल किए जाने की कोशिश भाकपा माले कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.

झारखंड के जेलों की व्यवस्था पर उठाए सवाल
उन्होंने जेल से मुक्त होने के बाद कहा कि झारखंड के जेलों की दशा नारकीय एवं बेहद बदतर है. भोजन में अनियमितता है. मुलाकात करने में भी कठिनाई है. यह पेशेवर अपराधियों के लिए आरामगाह है, जबकि सामान्य कैदियों के लिए प्रताड़ना स्थल.

डालटनगंज सेंट्रल जेल में सुविधाओं का घोर अभाव
डालटनगंज स्थित सेंट्रल जेल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां सुविधा का घोर अभाव है. पेयजल की समस्या यहां मुंहबाएं खड़ी है. एक भी चापाकल जेल के अंदर नहीं है. उन्होंने राजस्थान की तर्ज पर झारखंड की सेंट्रल जेलों को ओपेन जेल में तब्दिल करने की जरूरत पर बल दिया.

पूरनचंद के नाम पर बना वार्ड बना कूड़ा घर
उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए डालटनगंज स्थित सेंट्रल जेल में एक वार्ड, जो समाजवादी स्वतंत्रता आन्दोलन में शामिल पूर्व विधायक पूरनचंद के नाम पर है, लेकिन वहां अब कूड़ा घर बना दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस जेल का नाम पूरनचंद सेंट्रल जेल कर देना चाहिए.

बता दें कि पांकी के पूर्व विधायक विदेश सिंह के बड़े भाई बिहारी सिंह हत्याकांड में नवम्बर 2003 में बीएन सिंह गिरफ्तार हुए थे. जबकि इसके छह माह बाद 2004 में प्रदीप विश्वकर्मा एवं श्रवण विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया था.

तीनों को इस केस में उम्र कैद की सजा हो गयी थी. का. डॉ. बीएन सिंह के साथ प्रदीप विश्वकर्मा एवं श्रवण विश्वकर्मा 18 वर्ष की सजा काटकर बाहर निकले हैं.

मौके पर माले के जिला सचिव आरएन सिंह, राज्य कमिटी सदस्य रविन्द्र भुइयां, रसोइया संघ के सचिव अनिता देवी, आइसा की जिला अध्यक्ष दिव्या भगत, राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ, सरफराज आलम, गौतम दांगी, देवेन्द्र और आशीष कुमार उपस्थित थे.