रामगढ़ ( पतरातु ) । पतरातू प्रखण्ड के पंचायत सांकुल बरवा टोला निवासी मनोज सिंह, पत्नी कौशल्या देवी, दो पुत्र और दो पुत्री के साथ जान जोखिम में डाल कर मजबूर है रहने के लिए टूटे-फूटे पुराने मिट्टी के मकान में। जिसमें अब तिरपाल लगाना जरूरी हो गया है। क्योंकि मट्टी का खपरैल मकान काफी पुराना है जिसमें अब खपड़े पूरी तरह टूट गए हैं। पुराना घर होने से घर की दीवाल भी काफी कमजोर हो गई है। अब प्लास्टिक की तिरपाल लगाना मजबूर हो गया है नहीं तो बारिश के पानी से घर भर जाता है। मनोज सिंह दिहाड़ी मजदूरी कर घर परिवार का भरण पोषण करते है। मनोज सिंह का कहना है कि जान जोखिम में डाल घर में रहना मजबूरी है क्योंकि दूसरा कोई विकल्प नहीं है। कोई दूसरा घर भी नहीं है जिसमे जाके रह सके। हर दम दीवाल गिरने का डर लगा रहता है। प्रधान मंत्री आवास के लिए जियो टेक हुआ भी लेकिन किस कारण से नाम नहीं आया पता नहीं चला। ऐसे जरूरतमंद व्यक्ति को अगर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिले तो यह बात कहीं से समझ नहीं आती। क्योंकि इन योजनाओं का लाभ इन जैसे गरीबों के लिए ही होना चाहिए।