रामगढ़ ( पतरातू ) । कई दिनों से लगातार हो रही तेज बरसात से जहां कच्चा मकान भरभरा कर ढह गया वही पक्का मकान का छत ताश के पत्ते की तरह भरभरा कर गिर पड़ा। पक्का मकान का छत गिरने से उसमें रखा गृहस्ती का सामान नष्ट हो गया। वही संयोग अच्छा रहा कि कच्चा मिट्टी के बने घर व पक्के मकान के छत के गिरने से उसमें रहने वाले लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जन हानि नहीं हुई। पिछले कुछ सालों से सितंबर का महीना आते-आते बारिश का दौर लगभग थम जाता था। कई सालों बाद सितंबर माह में ऐसा मौसम देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पतरातू प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पालू में निवासी शीला देवी पति स्वर्गीय भुनेश्वर मुंडा का पक्का घर जो सिर्फ एक रूम और एक बरामदा का बना हुआ था। वही लगातार हो रही बारिश की वजह से बीते बुधवार को कमरे का खत ताश के पत्ते की तरह भरभरा कर गिर पड़ा। और सिर्फ आगे का छोटा सा बरामदा बचा हुआ है। साथ ही असहाय विधवा शीला देवी की एक छ: वर्ष की बेटी के अलावा परिवार में कोई नहीं है। वही इसकी जानकारी होने पर ग्राम प्रधान मुखिया गंगाधर महतो ने शीला देवी व उसकी बेटी को पड़ोसी के घर में शरण दिलवाया गया। विदित हो कि शिला देवी के पति का मृत्यु 5 वर्ष पूर्व टर्बो ट्रक से दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वहीं दूसरी ओर पालू पंचायत के हि ग्राम रोचाप निवासी जमीर खान पिता स्वर्गीय सलीम खान मिट्टी का बना चार कमरे का मकान में से एक कमरा बरसात की वजह से ढह कर गिर पड़ा। और अन्य तीन मिट्टी का बना कमरा भी जर्जर स्थिति में है। वही बरसात में आशियाना गिरने से पीड़ित परिवार खुले आसमान तले आ गया है। और घर में रखा राशन, बर्तन, कपड़ा, बिस्तर व अन्य गृहस्ती का पूरा सामान नष्ट हो गया है।