धनबाद । झरिया की जलापूर्ति व्यवस्था एक बार फिर चरमराई हुई है. चार दिनों से शहर में जलापूर्ति ठप है. ऐसे में यहां पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. झरिया में लोग पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं. जलापूर्ति ठप रहने से तीन लाख से अधिक की आबादी परेशान हैं. पानी के लिए लोगों को दर-दर भटकना पद रहा है.

दरअसल झामाडा के जामाडोबा वाटर बोर्ड का 30 इंच और 18 इंच मेन पाईप लाईन फटने से होने यह स्थिति उत्पन्न हुई है. बताया गया कि जामाडोबा बड़कीटांड से 18 इंच मेन पाईप लाईन के ऊपर दर्जनों घर बने हैं. माना जा रहा है घर का वजन पड़ने से पाइप क्षतिग्रस्त हो गया.

झामाडा के द्वारा पानी सप्लाई की लचर व्यवस्था कोई नई बात नहीं है आए दिन कोई ना कोई समस्या उत्पन्न होती रहती है और लाखों की आबादी को पानी का संकट झेलना पड़ता हैं. विश्वकर्मा पूजा में भी पानी सप्लाई नहीं होने से झरिया और आसपास के लोग जिला प्रशासन पर काफी आक्रोशित हैं.

वहीं पेयजलापूर्ति से जुड़े झमाडा के (तकनीकी सदस्य) टीएम इंद्रेश शुक्ला ने बताया कि व्यवस्था को बहाल करने की कोशिश की जा रही है. क्षतिग्रस्त पाइप को ठीक कराया जा रहा है. कोशिश है कि रविवार तक लोगो को घरों तक पानी पहुच जाएगा.

4 दिनों से पानी सप्लाई नहीं होने पर पूर्व पार्षद अनूप साव भी जमाडोबा ट्रीटमेंट पलांट पंहुचे. कहा कि अधिकारियों को आम-आवाम की चिंता नहीं है. यही कारण है कि चार दिनों से जलापूर्ति व्यवस्था ठप होने के बावजूद अब तक इस ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है.

बुनियादी समस्या के समाधान के लिए कभी भी सार्थक प्रयास नहीं किया जाता है. यही कारण है कि कभी बिजली व्यवस्था बाधित रहती है, तो कभी पेयजला आपूर्ति ।