मनरेगा सिंचाई कूप एंव वृक्षारोपण योजना निर्माण के नाम पर हो रही है खानापूर्ति

पाकुड़ ( पाकुड़ ) । मनरेगा योजना के तहत बन रहे सिंचाई कूप तथा वृक्षारोपण योजना में बिचौलिया द्वारा जामकर हो रही है भ्रष्टाचारी । निर्माण एंव वृक्षारोपण के नाम पर किसानों के आँखों में पानी फेर दिया गया है।निर्माण के नाम पर धोखा किया जा रही है बिचौलिया।कहीं घटिया किस्म के समाग्री से निर्माण किया जा रही है तो कहीं धरातल पर वृक्षारोपण के न म पर एक वृक्ष कार्य स्थल पर नजर नहीं आ रही है।अखिर इतने बड़े प्रक्का० राशि स्वीकृति होने के बावजूद अवैध रुप से राशि निकासी करने की छुट बिचौलियों को कैसे मिल रही है।किसके संरक्षण में हो रही हैं। किसकी होगी जिम्मेदारी ।ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराने लिए सरकार ने कई योजनाएं चला रखी हैं। मनरेगा इन्हीं में से एक है। लेकिन इसमें भी भ्रष्टाचार हावी है। धरातल पर काम नजर तो आ रही है।लेकिन कोई काम की नहीं है ।
जिलेे के हिरणपुर प्रखंड के चौकीढाब गांव में एक ही जगह कुछ कुछ ही दूरी पर मनरेगा के तहत तीन सिचाई कूप निर्माण किया गया है। जिसमे से घटिया समाग्री से निर्माण होने के कारण एक पूरी तरह से टूट चूँकि है तो दूसरा,तीसरी भी टूटने के कगार पर है ।वहीं तीनोंं सिंचाई कूप निर्माण कार्य स्थल पर किसी भी प्रकार की सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है।पास किसी भी तरह का सुचना पट नहीं है।
वहीं उसी जगह वृक्षारोपण भी किया गया है ।परंतु एक भी वृक्ष नहीं है।किसानों ने बड़ी ही उम्मीदों के साथ वृक्षारोपण के लिए जगह दिए थे।लेकिन भ्रष्टाचार बिचौलिया ने किसानों के आँखों में धुल झोंकने का काम किया। मनरेगा के तहत कूप निर्माण कार्य तथा वृक्षारोपण योजना में ग्रामीण विकास विभाग के आदेशों का पालन जामकर धज्जियां उड़ाए जा रही है।कई प्रखंड व पंचायत मे नही कर रहे हैं।नियमों का पालन।
सरकार के नियमों को ताक पर रख कर मनमाने तरीके से कूप का निर्माण कर रहे है ।प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में मनरेगा से निर्माण हो रही विभिन्न योजनाओं में बिचौलिया हावी है। आधा अधुरी कार्य करके ही सारी स्वीकृति राशि अवैध रूप से निकासी कर लेते हैं।लेकिन निर्माणाधीन योजना को ऐसी ही अधुरा छोड़ दिया जाता है।राज्य सरकार तथा भारत सरकार मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गांव में ही रोजगार मुहैया कराई जाने को लेकर कई सारी मनरेगा योजना चला रही है।लेकिन ग्रामीण इलाकों के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रही है। बिचौलिया निर्माण कार्य में मनमानी ढंग से सिचाई कूप निर्माण करते है । तथा वृक्षारोपण योजना में किसानों को छलने का काम रहे हैं।बिचौलिए ।उनकी आँखों में पानी फेर दिया गया है। मे इसको देख रेख करने वाले कोई नहीं है।अब देखना होगा कब तक किसानों के जमीन पर निर्माण सिंचाई कूप तथा वृक्षारोपण योजना में विभाग विभाग द्वारा सुधार लाया जाता है।बड़ा सवाल अखिर दोषियों के ऊपर कारवाई कब होगी।

क्या कहते हैं।मनरेगा आयुक्त

मनरेगा उप विकास आयुक्त अनमोल कुमार सिंह ने कहा कि योजना को जाँच किया जाएगा। कब का योजना है। योजना की गुणवत्ता जाँच के दरम्यान कमी पाए जाने पर निश्चित रूप से दोषियों के ऊपर कारवाई की जाएगी।