लन्दन के डॉक्टर एडमन के द्वारा वर्ष 1929 में अस्पताल का किया गया था स्थापना , जितेन्द्र दास ।

पाकुड़ । जिले हिरणपुर में स्थित सन्त लुक्स मिशन अस्पताल में 2014 से बंद पड़े ओपीडी सेवा फिर से शुरू होगी ।चर्च ऑफ नॉर्टज इंडिया नामक संस्था ने अस्पताल को शुरू करने को लेकर पहल किया गया है ।यह सेवा जल्द ही शुरू हो जाएगी।यह अस्पताल अंग्रजो के जमाने से वर्ष 1929 से चल रही थी।यह नार्थ इंडिया के संस्थापक लन्दन के डॉ एडमन ने इस मिशन को भारत के इस छोटे से राज्य के जिला के इस सुदूर इलाका हिरणपुर में संत लुक्स मिशन अस्पताल को चलाया जा रहा था। जिसे यहाँ की जनता का सेवा दिया जा रहा था। इस संस्था द्वारा चल रहे इस अस्पताल में डॉ एडमन के बाद लन्दन के ही डॉ थमसन ने इस अस्पताल का पदभार संभाला जिसने अपनी पूरी निष्ठा से योगदान दिया और इस मिशन अस्पताल में सभी तरह का सेवा दिया। बंगाल सहित कई जगहों से लोग इलाज हेतू आया करते थे। 1990 में डॉ थमसन वापस लन्दन जाने के बाद अस्पताल का देख रेख डॉ बी मुर्मू के द्वारा किया जा रहा था परन्तु डॉ बी मुर्मू के गुजरने के बाद अस्पताल की स्थिति धीरे धीरे दयनीय होती गई।डॉ बी मुर्मू के देहांत होने के बाद उनके पुत्र माइकेल मुर्मू ने अस्पताल प्रबन्धक के रूप में संभाला। जिसके सहयोग से कुछ दिन सेवा सुरु हुई परन्तु संस्था आर्थिक स्थित कमजोर होने के कारण ओपीडी सेवा 2014 को बंद कर दिया गया ।

किया कहते है अस्पताल के प्रबंधक

प्रबंधक माइकल मुर्मू ने बताया कि अस्पताल का संचालन चर्च ऑफ नर्थ इंडिया डायसिस पटना व भागलपुर के द्वारा ओपीडी सेवा पुनः बहाल करने की तैयारी की जा रही है। जिसे बहुत जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल में कोलकाता, बहरमपुर, मालदा आदि जगहों के डॉक्टरों द्वारा सेवा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया की अस्पताल में एक्स-रे रक्त जाँच सहित कई उपकरण पूर्व से ही उपलब्ध है।अन्य उपकरणों की लेन की व्यवस्था की जा रही है।