खूंटी। बैंक आफ इंडिया, आरसेटी, खूंटी के तत्वावधान में बैंकिंग काॅरेसपोंडेंटस के लिए आयोजित 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से 19 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बैंकिंग के विविध कार्य प्रणाली से अवगत कराया गया। बैंक मित्र से जुड़े कार्य, जिम्मेदारी और महत्व के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जेएसएलपीएस,खूंटी के अनंत शर्मा और ललित कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वयं सहायता समूह के कार्यों से अवगत कराया। आरसेटी, खूंटी के निदेशक जश्न कुजूर ने प्रशिक्षणार्थिओं को बैंक से जुड़ी योजनाओं, ऋण और एनपीए, बैंकों के प्रकार, विभिन्न तरह के खातों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इंडियन इंस्टिच्यूट आफ बैंकिंग एंड फाईनांस के द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों काी आनलाइन परीक्षा ली गई। परीक्षा में सभ प्रशिक्षणार्थी उत्तीण हुए।

मौके पर मुख्य अतिथि जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, खूंटी माकिरण मुंडा ने प्रशिक्षणार्थियों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि महिलाओं का बैंक काॅरेसपोंडेन्ट का प्रशिक्षण प्राप्त करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने प्रशिक्षणाथियों को उनकी जवाबदेही से अवगत कराते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बैंक नहीं पहुंच पाते हैं, वहां बैंक काॅरेसपोंडेंट पहुंच कर लोगों को बैंकिंग की सुविधा प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लोग अपने नजदीक के बैंक में मुख्यतः खाता खुलवाने, पैसा जमा करने, पैसा निकासी सहित अन्य कार्य के लिए आते तो हैं, पर उन्हें विविध कारणों से निराश होकर वापस जाना पड़ता है। इस परिस्थिति में पंचायत स्तर पर कार्यरत प्रशिक्षण प्राप्त बैंकिंग काॅरेसपोंडेंट लोगों को बैंकिंग की सुविधा प्रदान कर उनके बैंक संबंधित कार्याें को काफी आसान बना देते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त बैंकिंग काॅरेसपोंडेंटस से ग्रामीण इलाकों के अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग से जोड़ने अपील कीं।

कार्यक्रम में बैंक आफ इंडिया, आरसेटी, खूंटी से प्रशिक्षित बैंक मित्र व फूलो झारो आर्शीवाद योजना के तहत झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सम्मानित अनिमा हेरेंज ने प्रशिक्षणार्थियों के बीच अपनी जीवनी साझा करते हुए बताया कि जीवन यापन के लिए वह प्रारंभ में हड़िया- दारु का व्यापार करती थीं। बाद में उन्होंने बैंक मित्र के कार्य से जुड़कर अपनी आजीविका को नया रुप दिया।