रांची । इंडियन डाइटेटिक एसोसिएशन नेटफेन झारखंड चैप्टर की ओर से मंगलवार को एक सेमिनार का आयोजन होटल रांची सीनेट, किया गया। इसका विषय था न्यूट्रिशन रिवोल्यूशन। पोषण माह के उपलक्ष्य में इस कायर्क्रम का आयोजन किया। राज्य और बाहर के डॅाक्टर और आहार विशेषज्ञों ने न्यूट्रिशन और डाइट विषय पर प्रकाश डाला।
आइडीए झारखंड चैप्टर की कन्वेनर और मुख्य आयोजक गजाला मतीन ने बताया महानगरों में तजे रफ्तार की जिदंगी में अक्सर सही खान-पान और व्यायाम के लिए समय निकाल पाना कठि न होता जा रहा है। यही नहीं स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही अधिकांश लोगों में देखने को मि लती है। इसके पीछे का मनोविज्ञान शायद यही होता है कि हम बाकी चीजों की तरह स्वास्थ्य की कीमत को नहीं आंकते, लेकिन जब स्वास्थ्य बिगडता है तब इसका अहसास होता है कि हमने हमने जीवन की किस अमूल्य चीज को खोया है। सही समय पर यदि डाइटीशियन की सलाह ली जाए तो इस खतरे सेबचा जा सकता है। आप भी डाइटीशियन के रूप में अपने कॅरियर को नया आयाम दे सकते हैं। साथ ही लोगों को फिटनेस और खान-पान के बारे में भी आगाह कर सकते हैं। लोगों की दिनचर्या और उनकी जरूरतों के अनुसार खाने-पीनेका ब्यौरा देना एक डाइटीशि यन का कार्य होता है। यदि एक मरीज है, तो उसकी बीमारी को ध्यान में रखते हुए उसे क्या खाना है, किस चीज से परहेज करना है, कितनी मात्रा में खाना है। आदि बातों को बताना होता है। इसके अलावा गर्भवर्भ ती महि ला, एथलीट तथा मोटापे से परेशान लोगों को वजन कम करने के लिए प्रतिदि न के आहार में किन-किन खाद्य-पदार्थो का सेवन कितनी मात्रा में की जाए, इसकी जानकारी देना भी डाइटीशि यन के कार्य में शामिल है। एक डाइटीशियन के कार्य में विभिन्न वर्ग के व्यक्तियों के आहार तथा स्वास्थ्य से सबंधित मीनू शामिल होते हैं।
रिम्स के कॅार्डियोललॅाजिस्ट डॅा प्रशांत कुमार ने पोटाशियम एवं मैग्नशियम की शरीर में जरूरत पर प्रकाश डाला। कहा कि पोटाशियम और मैग्नेशियम की कमी होने पर इसके लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसे में तुरंत ही जांच करा कर इलाज शुरू कर देना चाहिए, वर्ना यह जानलेवा हो सकता है। यह सीधा सीधा डाइट से जुड़ा मामला है।
वहीं डॅा शैलेंश वर्मा ने किसी भी ऑपरेशन के पूर्व और बाद में दिये जानेवाले डाइट पर प्रकाश डाला। रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कुपोषण दूर करने डाइटिशियनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि सेहत और खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। जल्द ही वह प्रेस क्लब में पत्रकारों के लिए ऐसे ही कार्यक्रम का आयोजन करेंगे, ताक पत्रकारों को भी सेहत के लिए जागरूक किया जा सके। इनके अलावा डॅा आफताब आलम अंसारी-एचसीजी हॅस्पिटल, डॅा एके ठाकुर मेदांता, विभा रांनी-डाइटिशियन, डॅा निमाली सिंह-प्रोफेसर, राजस्थान यूनिवर्सिटी और गीता कुमारी-असिस्टेंट प्रोफेसर, रांची वीमेंस कॅालेज आदि ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रर्य म को सफल बनाने में सेक्रेटरी अनमिका, ट्रेजरर पूजा सिंह, निगार, फातिमा, नाजिया, नेहा, अभिरूचि, रचना, अंका आदि ने सहयोग किया।