हजारीबाग। आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग के बीएससी एग्रीकल्चर के सातवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं की पहली टोली कृषि विज्ञान केंद्र देवघर पहुंची। दरअसल रूरल एग्रीकल्चर एक्सपीरियंस वर्क (रावे) के लिए विद्यार्थियों की पहली टोली में 17 विद्यार्थी कृषि विज्ञान केन्द्र देवघर गए हैं, जहां कृषि व पशुपालन से संबंधित समस्याओं से अवगत होते हुए समाधान के तरीके सीखेंगे। साथ ही पौधारोग संरक्षण को लेकर भी विशेषज्ञों की राय से अवगत होंगे। इतना ही नहीं कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से कृषि तकनीक के बारीकियों का भी अध्ययन करेंगे। उक्त जानकारी देते हुए आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कृषि विभाग डीन डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि बीएससी एग्रीकल्चर व एमएससी एग्रीकल्चर कोर्स के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के आधार पर विषयवार एवं प्रयोगात्मक कार्य के लिए विभिन्न कृषि विज्ञान एवं कृषि अनुसंधान केन्द्रों पर समय समय पर विद्यार्थियों को भेजा जाता है ताकि कोर्स पूरा होने के बाद विद्यार्थियों के मंजिल की राह आसान बनाई जा सके। वहीं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने एग्रीकल्चर विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इस विभाग में विद्यार्थियों की मेहनत साफ तौर पर झलकती है। उन्होंने कहा कि सभी व्यवसायिक कोर्सों के विद्यार्थियों को संबंधित संस्थानों में भेजकर प्रशिक्षण कराया जाता है ताकि विद्यार्थी डिग्री के साथ अपनी शिक्षा, विश्वविद्यालय में पूर्ण कर उज्जवल भविष्य के सपने को साकार कर सके। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि कृषि विभाग में भविष्य की संभावनाओं के मद्देनजर प्रथम सेमेस्टर से ही थ्योरी के साथ साथ प्रैक्टिकल वर्क कराए जाते हैं, जो विद्यार्थियों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एकेडमिक डॉ विनोद कुमार, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, कृषि विभाग डीन डॉ अरविंद कुमार, इसी विभाग की प्राध्यापिका डॉ निलांजना चौधरी, रितिका नारायण समेत विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं व कर्मियों ने विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की कामना की है।