गुमला | जिलास्तर पर नगर भवन गुमला में “सोना-सोबरन धोती/ लुंगी-साड़ी वितरण योजना” का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया गया।गुमला जिले में 01 लाख 61 हजार 723 लाभुकों को इस योजना से आच्छादित का जाएगा।मुख्य मंच से सांकेतिक रूप में 20 लाभुकों के बीच वस्त्र वितरण किया गया।

जन वितरण प्रणाली के 15 दुकानदारों को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित किया गया

भोजन-वस्त्र एवं आवास जीवन की मूलभूत आवश्यकता है, सरकार/ प्रशासन इन तीनों आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दे रही हैं- उपायुक्त

जिले के अति उग्रवाद/ सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में योग्य लाभुकों कोइस योजना का लाभ दिया जाएगा- पुलिस अधीक्षक

माननीय मुख्यमंत्री झारखंड हेमंत सोरेन द्वारा दुमका जिले से झारखंड सरकार की महत्वकांक्षी “सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना” का राज्यस्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों में जिलास्तरीय “सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना” का आयोजन किया गया। इसी क्रम में गुमला जिलांतर्गत नगर भवन में जिलास्तरीय “सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, नगर परिषद अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष, अपर समाहर्त्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

जिलास्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि आज का दिन झारखंड सहित गुमला जिलावासियों के लिए बेहद ऐतिहासिक है, क्योंकि आज के दिन पूरे राज्य में झारखंड सरकार की महत्वकांक्षी “सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना” का राज्य एवं जिला स्तर पर शुभारंभ किया गया है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से राज्यभर में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को तन ढकने के लिए वस्त्र प्रदान कर उनकी आर्थिक सहायता करना है। एक व्यक्ति के जीवन में तीन मूलभूत चीजें अति आवश्यक होती हैं- रोटी, कपड़ा एवं मकान। किंतु आज भी जिले के वैसे लोग जो अत्यंत गरीबी एवं आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहे हैं, उनके पास तन ढकने के लिए कपड़े नहीं हैं। ऐसे लोगों के उत्थान के उद्देश्य से झारखंड सरकार द्वारा साल में दो बार धोती/ साड़ी/ लुंगी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए जिले के लाल एवं पीले कार्डधारियों (बीपीएल परिवार) को जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पंचायत एवं वार्ड स्तर पर जन वितरण प्रणाली के द्वारा ये वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि गुमला जिलांतर्गत जिला प्रशासन द्वारा रोटी के रूप में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, मकान के रूप में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर योजना, मछुआ आवास योजना आदि के तहत आवास का लाभ तथा अब कपड़े के रूप में धोती/ साड़ी एवं लुंगी भी प्रदान की जाएगी। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उन्होंने सभी जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को अपने-अपने स्तर से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। इसके अलावा उन्होंने जिलांतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं यथा- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की जानकारी देते हुए लोगों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।

वस्त्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ.ऐहतेशाम वकारिब ने “सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना” को अभिलाषी योजना बताते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्य ही नहीं अपितु जिले के बीपीएल परिवारों को वस्त्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जिले के अति उग्रवाद/ सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में योग्य लाभुकों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष दीपनारायण उराँव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड सरकार द्वारा निरंतर राज्य के गरीब परिवारों के उत्थान के निमित्त कई कार्य किए जा रहे हैं। आज राज्य एवं जिला स्तर पर शुभारंभ किए गए “सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना” के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने वाले लोगों को खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सौजन्य से जन वितरण प्रणाली दुकानदारों के माध्यम से वस्त्र उपलब्ध कराया जाएगा। अतः सभी जन वितरण प्रणाली दुकानदार कर्त्तव्य निष्ठा एवं गंभीरता से जिले के गरीब एवं असहाय लोगों की सहायता करने में अपना योगदान दें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद ने कहा कि इस योजना का शुभारंभ वैसे गरीब परिवारों के लिए किया गया है जिनके पास अपना तन ढकने के लिए कपड़े नहीं हैं। इस योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 57.17 लाख गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को वस्त्र उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में रोटी-कपड़ा-मकान मूलभूत आवश्यकता होते हैं। अतः झारखंड सरकार इस महत्वकांक्षी योजना के माध्यम से वर्ष में दो बार बीपीएल परिवारों को वस्र उपलब्ध कराने जा रहा है।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण करते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी ने कहा कि सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना मूलतः वैसे परिवारों, जो गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं, के बीच वस्त्र वितरण कर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। आज शुभारंभ किए जाने के पश्चात् पंचायत एवं वार्ड स्तर पर जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में धोती-साड़ी व लुंगी सुयोग्य लाभुकों को उपलब्ध कराई जाएगी। ये वस्त्र सभी जन वितरण प्रणाली दुकानदारों के द्वारा लाभुकों को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में इस योजना के तहत 01 लाख 61 हजार 723 लाभुकों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

इसके पश्चात् उपायुक्त सहित मंचासीन अतिथियों द्वारा योजना के लाभुकों के बीच वस्त्र का वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से फोरी गाँव के महबूब खान, कोटाम के बुधमनिया उराँव, भरदा की सुमति देवी, फसिया की प्रभावती देवी, टोटो के जीरा देवी, आंजन के लक्षमण उराँव, पुग्गु की लीलावती देवी तथा तेलगाँव के धनेश्वरी देवी का नाम शामिल है।

इस अवसर पर जन वितरण प्रणाली दुकानदारों के माध्यम से कोरोना काल में उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए कोरोना योद्धाओं के रूप में कार्य करने वाले फ्रंटलाइन कर्मियों – भरनो के अरखिता नंद, रायडीह के तनवीर नाज, बिशुनपुर के महिला मंडल, घाघरा के निमाज खान, कामडारा शांति महिला मंडल, सिसई के मकिन अंसारी, डुमरी के विनय कुमार साहू, जारी के रातरानी महिला मंडल, गुमला के गणेश प्रसाद केशरी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिला स्तरीय समारोह में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब, नगर परिषद अध्यक्ष दीपनारायण उराँव/ उपाध्यक्ष कलीम अख्तर, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी सहित झारखंड मुक्ति मोर्चा के रणजीत सिंह सरदार, रोहित भगत, कॉन्ग्रेस के आशिक अंसारी, चैतू उराँव, चुमनू उराँव एवं बड़ी संख्या में योजना के लाभुक, जन वितरण प्रणाली के दुकानदार तथा आपूर्ति विभाग के कर्मीगण उपस्थित थे।