लोहरदगा/कुड़ू l कुड़ू थाना क्षेत्र स्थित बड़कीचापी निवासी उदय कुमार गुप्ता ने तत्कालीन थाना प्रभारी पर पद का गलत दुरूपयोग कर षडयंत्र के तहत झूठा काण्ड अंकित कर जेल भेजने के संबंध में केन्द्रिय मंत्री, गृह विभाग भारत सरकार, नई दिल्ली को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है। आवेदन में उन्होंने निवेदन किया है कि मैं उदय कुमार गुप्ता उम्र 38 वर्ष पिता राम किशोर प्रसाद गुप्ता निवासी ग्राम बड़की चांपी थाना कुडू जिला लोहरदगा का रहने वाला हूं। कहा है कि तत्कालीन कुडू थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी द्वारा मुझे बुलाकर बताये कि आपका तीन चार भट्ठा है। एवं पेट्रोल पम्प चलता है, जिसमें मंथली 40,000 रूपया (चालिस हजार) रुपैया देना पड़ेगा, जिसका मैं विरोध किया, तो उनके द्वारा धमकी भरे लब्जों में बोला गया कि तुम बड़का बिजनेस मैन बनता है, तुमको औकात दिखा देंगे। मेरे रहते तुम्हारा कोई भी बिजनेस चलने नहीं देंगे। मेरा पेट्रोल पम्प का जमीन का रजिस्ट्री लीज 2014 में निरंजन प्रसाद पिता स्व० बाबुलाल प्रसाद साकिन बड़की चांपी थाना कुडू जिला लोहरदगा के हिस्से का जमीन लीज लिया गया था।जिसमें वर्तमान में पेट्रोल पम्प चल रहा है, परन्तु अमोद अग्रवाल पिता स्व० बाबुलाल अग्रवाल, निरंजन अग्रवाल का छोटा भाई को तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी के द्वारा मनगढन्त कहानी बनाकर थाना में ही अमोद अग्रवाल से आवेदन लिखाया गया एवं उक्त आवेदन पर मेरे उपर कुडू थाना काण्ड संख्या 143/2019 दिनांक 07.09.2019 धारा 341, 307, 385, 387, 504, 34 आईपीसी यू/एस 27/35 आर्मस एक्ट 1959 काण्ड दर्ज किया गया। काण्ड दर्ज के उपरान्त न तो वरीय पदाधिकारियों का जांचोपरान्त गिरफतारी आदेश लिया गया और न हीं थाना प्रभारी एवं अनुसंधानकर्ता के द्वारा नोटिस के माध्यम से मुझे सूचना दिया गया और दिनांक 19.09.2019 को किस्को मोड़ के पास से थाना प्रभारी एवं अनुसंधानकर्ता के द्वारा बुलाकर अपना गाड़ी में बैठाये एवं कुडू थाना ले आये, जहां से मुझे गिरफतार कर मेडिकल कराते हुए जेल भेज दिये। मुझे जेल भजने से पहले न तो इस काण्ड का वरीय पदाधिकारियों के द्वारा जांच किया गया और न हीं काण्ड की जानकारी मुझे दिया गया। जेल भेजने के समय तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी के द्वारा बोला गया कि मंथली नहीं देने का परिणाम यही होता है एवं बोला कि तुम्हारा लाईसेंसी राईफल एवं भट्ठा पेट्रोल पम्प ईत्यादि सबका लाईसेंस कैंसिल करवा देंगे, एवं तुमको उग्रवादी का सहयोगी बता कर बेल होने नहीं देगें मैं एक सामाजिक एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी हूं। तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी द्वारा अपने पद का गलत दुरूपयोग कर षडयंत्र के तहत झूठा मुकदमा कर बिना वरीय पदाधिकारी के जांचोपरान्त मुझे जेल भेजा गया। जिससे मेरी प्रतिष्ठा एवं बिजनेस व्यवसाय, शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक का काफी नुकसान हुआ है व्यवसाय में लगभग 50,00,000/ (पच्चास लाख रूपैया) का नुकसान हुआ है एवं मेरी प्रतिष्ठा धुमिल हुई है, उक्त काण्ड में अनुसंधानकर्ता वरीय पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक महोदय लोहरदगा द्वारा अपनी जांच एवं प्रवेक्षण में लगाया गया आरोप निराधार झूठा एवं तथ्यहीन पाये एवं अन्तिम प्रपत्र अ समर्पित किया गया माननीय न्यायालय द्वारा भी काण्ड असत्य पाकर स्वीकृत किया गया। दिये गये आवेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी के विरुद्ध आवश्यक कारवाई करने एवं व्यवसाय में जो भी क्षति हुई है, उसकी भरपाई तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी से कराने का अनुरोध किया है।