लोहरदगा । दिनांक 23 सितंबर 2021 को भास्कर एस्ट्रो एसोसिएशन के तत्वावधान में राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय चितरी में शरद संपात दिवस मनाया गया l भास्कर एस्ट्रो एसोसिएशन के संयुक्त सचिव नवनीत कुमार गौड़ ने बच्चों को बताया कि सूर्या दि ग्रह नक्षत्रों के विषय में हमारे ऋषि-मुनियों ने प्राचीन काल में ही अनेकानेक जानकारी विभिन्न ग्रंथों के माध्यम से हमें दिया है l इसलिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के दिन और रात लगभग बराबर होता है केवल मात्र 6 मिनट का अंतर रहता है वस्तुतः यह इसलिए होता है कि पृथ्वी के वायुमंडल के अपवर्तत के कारण सूर्य समय से पूर्व उगते एवं समय के पश्चात डुबते हुए प्रतित होते है इसे संपात दिवस भी कहा जाता है पूरे वर्ष में यह दो बार होता है पहला 21 मार्च को वसंत ऋतु में वसंत विषुव तथा दूसरा 23 सितंबर को शरद विषुव के नाम से जाना जाता है इस दिन सूरज की किरणें भूमध्य रेखा पर सीधे पड़ती है अर्थात सूर्योदय एवं सूर्यास्त भूमध्य रेखा पर ही आज के दिन होता है l हमार भारत पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध मे पडता है| आज से सूर्य का दक्षिण गोल में जाना प्रारंभ हो जाता है, यद्यपि सूर्य 21 जुन से ही दक्षिणायन हो जाता है| किन्तु 23 सितम्बर के पूर्व वह उतरी गोलार्ध में ही होता है| पुनः 21 मार्च से सूर्य का उतरी गोलार्ध में गमन शुरू ज्ञान होगा l जिसके कारण दक्षिण दिशा की ओर सूरज की किरणे अब ज्यादा देर तक रहती है आज से दिन छोटी और रात लंबी होने लगती है साथ ही थोड़ा-थोड़ा ठंड का प्रभाव भी दिखने लगता है बच्चों कों अक्षांस ज्ञात करने की प्रायौगिक विधि बताया गया आज के दिन अक्षांस ज्ञात करनें का उत्तम दिन होता है यह सब पृथ्वी के परिक्रमण गति के कारण होता है पृथ्वी की परिक्रमण गति के कारण दिन रात का छोटा बड़ा होना करण क् ऋतुओ का बनना आदि घटनाएं होती है यह सब पृथ्वी के अपने अक्ष पर 23.5डिग्री झुके होने के कारण होता है l वसंत विषुव के समय उत्तरी गोलार्ध में मौसम एवं प्रकृति में अद्भुत बदलाव देखने को मिलता है वृक्ष नए पत्ते फूलों से लग जाते हैं जिससे पृथ्वी सुरभित हो जाती है और चारों उल्लास का वातावरण बन जाता है भारत सहित अनेक देशों में वसंत विषुव के समय ही नए पंचांग अथवा नए वर्ष का आरंभ होता है विद्यालय के प्रधान अध्यापक सुनील भगत ने बच्चों को शरद संपाद दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि आप सभी के परिवार एवं जीवन में खुशहाली खेतों में हरियाली हो आपके घर अन्न एवं धन संपदा से भरा रहे आप सभा में बौद्धिक के साथ नैतिक गुणों का विकास हो ताकि आप सब राष्ट्र के नवनिर्माण में अपनी भूमिका निभा सके