विकास का वर्तमान तरीका यदि जारी रहा तो पृथ्वी पर भारी संकट खड़ा होगा

पाकुड़ । गुरुवार को स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में देर शाम आयोजित तीन दिवसीय वेबिनार “अर्थ चिंतन” 2021 का आयोजन किया गया। पहले दिन विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सहित अनेक विद्वान शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एसोशिएसन आफ इंडियन यूनिवर्सिटी की महामंत्री प्रोफेसर पंकज मित्तल ने आने वाले समय में गाँवों से भारी मात्रा में शहरों की ओर पलायन से उत्पन्न होने वाली चुनौतीयों की तरफ़ ध्यान खींचा। वहीं स्वदेशी शोध संस्थान के प्रमुख एवं कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सह गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भगवती प्रकाश शर्मा ने भारत की कृषि, एम एस एम ई, प्राकृतिक संसाधन युवा शक्ति और उसकी उद्यमिता में अंतर्निहित संभावनाओं की ओर संकेत करते हुए कहा कि भारत में न केवल रोज़गार की भावी चुनौतियों से निपटने की क्षमता है, बल्कि इनके बल पर भारत दुनिया का सिरमौर बन सकता है।
केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार व पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने प्रकाश डाला कहा छठी आइ.पी.सी.सी. की रिपोर्ट में कहा गया है कि विकास का वर्तमान तरीका यदि जारी रहा तो पृथ्वी के समक्ष भारी संकट खड़ा हो जाएगा।वहीं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कृषि को बहुउपयोगी बनाना होगा। सीरीकल्चर से ऑरगेनिक साड़ी, क़ालीन, ऑरगेनिक कॉटन, बांस से गृह निर्माण सामग्री खाद्य पदार्थ, गाय के गोबर से पेंट, गाय की देसी नस्लों की घर वापसी कर उनका दूध उत्पादन बढ़ानाहोगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजीव कुमार ने कहा कि पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे पास केवल 15 वर्ष ही बचे हैं। इसके लिए तेज़ी से काम करना होगा। वरना समुद्र तल इतना बढ़ जाएगा कि बंगलादेश जैसे देश तो डूब ही जाएँगे और देश की तटीय आबादी को भारी संकट का सामना करना पड़ेगा। स्वदेशी को “भारत छोड़ो आंदोलन” की तरह एक जन अभियान बनाना होगा तभी यह संभव है। वहीं अमूल के प्रबंध निदेशक आर.एस.सोढ़ी ने कहा कि सरकार पुराने तरीक़े से ही कृषि में भारी निवेश कर रही है। लेकिन पशुपालन में बहुत कम निवेश करती है। जबकि कृषि जी डी पी में पशुपालन का भारी योगदान है । कार्यक्रम में आइ.एस.आइ.डी. के निदेशक प्रोफेसर नागेश कुमार नें भी अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम को देश विदेश में बड़े स्क्रीन लगाकर बड़ी संख्या में स्वदेशी के कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों ने अर्थ चिंतन के इस कार्यक्रम को देखा व अपने सुझाव दिए तथा प्रश्न पूछे । कार्यक्रम का संचालन विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के कुलपति राज नेहरू एवं धन्यवाद ज्ञापन स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अजय पत्की ने किया ।