लोहरदगा । उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में आज ग्रामीण विकास विभाग, झारखण्ड सरकार के निदेश पर आज विकास भवन स्थित अभिलाषा कक्ष में ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर उपायुक्त द्वारा किया गया।
अभियान से संबंधित विषय पर उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 2006 से पहले भी कई योजनाएं ग्रामीणों को रोजगार दिये जाने के विषय पर बनीं थीं लेकिन मनरेगा के अंतर्गत इसमें 100 दिनों का रोजगार देने की गारंटी दी गई और इसे कानून के रूप में लागू किया गया। जिला में सभी प्रखण्डों में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एक मनरेगा श्रमिक को न्यूनतम 100 दिनों का रोजगार देना सुनिश्चित करें। अगर उसका सौ दिन का रोजगार दिवस पूरा हो जाता है तो इसके अतिरिक्त भी उसके परिवार के किसी सदस्य को रोजगार में लगाया जाय ताकि उस परिवार की दैनिक जरूरतें पूरी हो सकें, उसका परिवार चल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जो भी प्रखण्ड मानव दिवस सृजन, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में पिछड़े हुए वे अपना प्रदर्शन सुधारें और जिला को मनरेगा योजनाओं में प्रथम स्थान पर ले जायें। इस अभियान का प्रचार-प्रसार गांव स्तर में भी करायें ताकि लोग लाभान्वित हो सकें। सभी योजनाओं के लिए महिला मेट का चयन, वंचित परिवारों को लाभ देना, नियमित रोजगार दिवस तथा स्थानीय स्तर पर शिकायत का निष्पादन और नियमित रूप से ग्राम सभा का आयोजन इस अभियान का उदे्श्य है। अभियान में छोटी-छोटी एवं पुरानी योजनाओं को पूर्ण किया जाना है। प्रत्येक टोला में कम से कम पांच योजनाओं का एक साथ संचालन किया जाना है। मजदूर का ई-श्रम पोर्टल में प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से निबंधन करायें ताकि उसे किसी आपात स्थिति में बीमा आदि का लाभ दिया जा सके।
अपने अनुभव साझा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि तेलंगाना और राजस्थान जैसे राज्यों में मनरेगा का बहुत बेहतर इस्तेमाल विकास कार्यों में हो रहा है। तेलंगाना में बागवानी, बांध बनाने आदि का कार्य होता है। मनरेगा रोजगार देने के लिए लाइफलाईन है जो सौ दिनों के रोजगार की गारंटी देता है। अधिनियम के अनुसार न्यूनतम मजदूरी दर, रोजगार दिवस तय किये गये हैं। इसके अंतर्गत रोजगार उपलब्ध नहीं कराने पर दण्ड का भी प्रावधान किया गया है।

मानव दिवस सृजन

उपायुक्त ने कहा कि मानव दिवस सृजन बढ़ायें। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रतिदिन इसकी समीक्षा करें। इसमें संबंधित एनजीओ को भी शामिल करें। कौन सी योजना चल रही है, कौन सी पूर्ण हो गई है, कहां योजनाएं देने की जरूरत है, इन सभी विषयों पर समीक्षा करें और कमियों को दूर करें। प्रखण्ड के सभी क्षेत्रों में योजनाएं क्रियान्वित करें। लोगों को काम दें और ससमय मजदूरी भुगतान भी करायें। इसी तरह अनुसूचित जनजाति के लोगों को काम दें। महिलाओं को काम दें। दीदी बगिया जैसी योजनाओं में महिलाओं को शामिल करें ताकि महिलाओं की भागीदारी के साथ-साथ कुपोषण को दूर भगाने, आय का सृजन करने, रोजगार देने का उदे्श्य एक साथ पूरा हो सके। सिर्फ रोजगार देना ही नहीं, उन्हें व्यवसायिक भी बनाना हमारा कर्तव्य है। योजनाओं की जियो टैगिंग भी करें। कोई भी रोजगार मांगने आता है तो उसे पूरा सहयोग देते हुए उसे रोजगार मुहैया करायें।

रोज खुले पंचायत भवन

उपायुक्त ने कहा कि पंचायतों प्रतिदिन पंचायत भवन लोगों की सहूलियत के लिए खुला रखें। वहां पंचायत सचिव व अन्य कर्मी भी उपलब्ध रहें।

अपने कार्यों को गति दें : अनुमण्डल पदाधिकारी

कार्यशाला में अनुमण्डल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल ने संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा योजना के 15 वर्ष पूरे हो गये हैं, जो बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह योजना अब भी ग्रामीणों को रोजगार देने के मामले में सबसे आगे है। इस योजना का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ही हुआ है। इस योजना को और अधिक गति देने की आवश्यकता है ताकि इस योजना का उदे्श्य पूरा हो सके।

अभियान व उसकी समय सारिणी

यह अभियान 22 सितंबर से 15 दिसंबर 2021 तक चलाया जायेगा। इसमें मानव दिवस सृजन, अनुसूचित जनजाति को लोगों का मनरेगा योजनाओं में भागीदारी और महिलाओं की मनरेगा योजनाओं में भागीदारी को बढ़ावा देना है। अभियान का शुभारंभ व राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन 22 सितंबर को हो चुका है। 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक प्रखण्डों में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। 4-11 अक्टूबर तक ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य का अभियान पर पंचायत स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जायेगा। 21 अक्टूबर तक जहां योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं वहां योजनाओं की स्वीकृति हेतु ग्राम पंचायत कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की जायेगी। 25 अक्टूबर तक स्वीकृत एवं चालू योजनाओं का दीवाल लेखन किया जायेगा। 28 अक्टूबर को रोजगार महादिवस का आयोजन किया जायेगा। रोजगार दिवस में आये मामलों का निष्पादन 30 अक्टूबर को किया जायेगा। 26-28 अक्टूबर तक हर गांव-टोला में अभियान एवं मनरेगा योजना पर जागरूकता कार्यक्रम किया जायेगा। नियमित रूप से ग्राम सभा का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक ग्राम सभा एवं रोजगार दिवस में सौ दिनों का कार्य करने वाले परिवारों को सम्मानित एवं परिवारों को प्रेरित किया जायेगा।

कार्यशाला में श्रम अधीक्षक धीरेंद्रनाथ महतो, मनरेगा परियोजना पदाधिकारी सुधीर मुर्मू, प्रधानमंत्री आवास योजना के जिला समन्वयक केके गुप्ता, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी समेत अन्य उपस्थित थे।