रामगढ़ ( पतरातू ) । रामगढ़ जिला के पतरातू प्रखण्ड के ग्राम रसदा में स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट कराटे ट्रेनिंग सेंटर खुला है। जहाँ कराटे में ओलिम्पिक गेम के लिए खिलाड़ी तैयार किये जा रहे है, । इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि राजेश सिंह एवं जे. एन प्रसाद उपस्थित थे। राजेश सिंह ने कहा कि अपने फील्ड का मास्टर बने। जम कर प्रैक्टिश करे । पतरातू में अंतराष्ट्रीय लेबल का ट्रेनिंग सेंटर खुला है। यह बहुत ही गर्व की बात है। वहीं जे एन प्रसाद ने कहा कि ओलिम्पिक गेम में पतरातू के बच्चे भी भविष्य में गोल्ड मेडल लाएंगे इसी सोच के साथ पतरातू रसदा में यह कराटे प्रशिक्षण केंद्र खोल गया है। सोच यहॉं प्रशिक्षण के लिए मार्शल आर्ट कराटे के सभी आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। जिसमे छोटे -छोटे बच्चों से लेकर बड़े बच्चे बच्चियों को मार्शल आर्ट कराटे की अंतराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जाती है। इस मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर में इंटरनेशनल लेबल के कराटे के खिलाड़ी तैयार किये जा रहे हैं। जो पतरातू प्रखण्ड ही नही रामगढ़ जिला एवं राज्य के लिए गौरव की बात है। इस ट्रेनिंग सेंटर में 5 साल के बच्चे से लेकर 18 साल के बच्चे एव उससे भी बड़े लोगो को दिन रात कड़ी मेहनत कर पसीना बहाते देखा जा सकता है। जहाँ इंटरनेशनल लेबल की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ी तैयार किये जा रहे हैं। पतरातू की धरती ने पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय कराटे पदक विजेता दिए हैं।उक्त बातें स्टीफेन जोसेफ एच आर हेड पी वी यू एन एल आज रसदा बस्ती में एक दिवसीय मार्शल आर्ट कराटे प्रशिक्षण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि लोगो को सम्बोधित करते हुए बताया। पतरातू जैसे छोटे से जगह में इतनी बड़ी मिशन के साथ यह संस्था काम कर रही है। यहॉं बच्चों को ओलम्पिक के लिए तैयार किया जा रहा है बहुत ही गर्व की बात है।उन्होंने आगे कहा कि कराटे व्यक्ति के जीवन के अनुशासन लाता है। और यह अनुशासन आप सबको मंजिल तक पंहुचती है।खास कर लड़कियों के लिए कराटे आज के लिए सबसे बड़ा हथियार है। लड़कियां कराटे सीख कर इतनी सक्षम जरूर बन जाए lऔर आप अपनी इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत से भविष्य में निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता बनेंगे। तथा अपने क्षेत्र और अपने शिक्षकों का नाम रोशन करेंगे। मॉडर्न मार्शल आर्ट कराटे डॉ फेडरेशन ऑफ इंडिया सह इंटरनेशनल गोसोकुरियू कराटे एशोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय मार्शल आर्ट कराटे प्रशिक्षण में रामगढ़ जिला के विभिन्न क्षेत्रों से 100 बालक बालिकाओं ने भाग लिया। जिन्हें सेंसी विकास पाठक ब्लैक बेल्ट तृतीय डॉन के द्वारा कुमिते, काता , किहोंन का विधिवत प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य प्रशिक्षक जूनियर टाइगर ली उपस्थित थे। जिन्होंने कैम्प में भाग लेने आये बच्चों को कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण केंद्र में उच्च स्तरीय खिलाड़ी उभर कर बाहर आते है। उन्होंने बच्चों को शारीरिक , मानसिक, बौद्धिक, के साथ ही साथ चारित्रिक एवं आंतरिक शक्तियों के विकास करने के कई तकनीक सिखाए।
इस मौके पर रविन्द्र प्रसाद , आश्विनी तिवारी कई गणमान्य व्यक्ति एवं अभिभावक तथा खेल प्रेमी उपस्थित थे।