लोहरदगा। डालसा, लोहरदगा की ओर से आज जिला मुख्यालय समेत सभी प्रखंडों में विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम जिला के सदर प्रखंड स्थित नगर भवन में किया गया। अतिथियो का स्वागत पौधा देकर किया गया।दीप प्रज्वलन व स्वागत गान के साथ कार्यक्रम की शुरुवात की गई।विधिक सशक्तिकरण शिविर उद्घाटन के मौके मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकार- सह -जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोहरदगा राजेन्द्र बहादुर पाल ने कहा कि विधिक सशक्तिकरण शिविर का उद्देश्य सरकार की योजनाओं को लक्ष्य तक पहुंचना है।योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।पलायन की समस्या है जिसे स्वरोजगार से हल किया जा सकता है।स्वरोजगार से अपना ही नही बल्कि अन्य लोगों का जीवन स्तर में सुधार हो सकता है।योजनाएं लाभ के लिए हैं ,उसका उपयोग और संरक्षण ढंग से करे अपना समझकर,सरकारी समझकर नहीं।डायन कुप्रथा अंधविश्वास की शिकार महिलाएं होती हैं व उनके परिवार होते हैं।लोगों को मार दिया जाता है।बीमारी होने पर भी डायन बिसाही का आरोप दूसरे पर लगाकर जान मार देते हैं,जो गैर कानूनी है। आये दिन नाबालिगों के यौन शोषण के मामले आते हैं। ऐसे में नाबालिगों के परिवार को चाहिए कि वे अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखें ताकि न्याय मिल सके। सतर्कता ही उपचार है। सतर्क रहें, जागरूक रहें।
मोटर दुर्घटना के संबंध कहा कि दुर्घटना में ड्राइवर-खलासी की मौत हो जाती है ऐसी स्थिति में मोटरयान अधिनियम 1923 के तहत मुआवजा का प्रावधान है।
इस वर्ष चमोली की दुर्घटना में मारे गए श्रमिकों के परिजनों को मुआवजा अधिनियम के तहत क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत स्थायी लोक अदालत भी कार्य करता है। विभाग/लाभुक/उपभोक्ता की समस्या सुनकर समाधान कराया जाता है।
फैमली कोर्ट का प्रयास रहता है कि पारिवारिक झगड़ों का समाधान इस प्रकार किया जाता है कि बिना दबाव के समस्या सुलझ जाय और उनके बच्चों का जीवन बिगड़ने से बच जाय। कोई भी अपना केस कहीं से भी,साइबर ,कैफे आदि जगहों से फाइल कर सकते हैं। कोर्ट या थाना जाने की जरूरत नहीं है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि पलायन की समस्या को स्वरोजगार द्वारा हल किया जा सकता है।