चाईबासा । वनपाल प्रशिक्षण विद्यालय, चाईबासा में शनिवार को ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन 2021-22 के तहत एकदिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. इसमें कुल 7 प्रमंडलों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया. इन सभी को मस्ट्राइप सॉफ्टवेयर के माध्यम से बाघों एवं हाथियों की गिनती करने का प्रशिक्षण दिया गया. इस बारे में पलामू टाइगर रिजर्व में पदस्थापित भारतीय वन सेवा के पदाधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि अगर हम परंपरागत तकनीक से वनों में गतिविधियां करें, तो हमारा विकास भी होगा और जानवरों को नुकसान भी नहीं होगा. तब सारंडा में बाघ पाये जाने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाएगी. उन्होंने बताया कि आज मस्ट्राइप सॉफ्टवेयर के माध्यम से बाघों एवं हाथियों की जनगणना करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे हमारा डाटा सुरक्षित रहेगा. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 23 सितंबर से लेकर 29 सितंबर तक यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में मांसाहारी एवं शाकाहारी जानवरों की गणना की जाएगी.

सारंडा डीएफओ चंद्रमौली प्रसाद सिन्हा ने बताया कि इस बार ऑल इंडिया टाइगर ऐस्टीमेशन के पांचवे चरण 2021-22 का प्रशिक्षण चल रहा है. इसमें तकनीकी तरीकों से बाघों एवं हाथियों की गणना की जाएगी. आज के प्रशिक्षण के बाद सारंडा के विभिन्न प्रक्षेत्रों में प्रशिक्षण का आयोजन कर क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को तकनीकी तरीकों से हाथी एवं बाघों की जनगणना के बारे में बताया जाएगा. जो लोग आज प्रशिक्षण ले रहे हैं, वे क्षेत्र में जाकर क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे. जो डाटा क्षेत्र से संग्रहित होगा, उसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से सुरक्षित रखा जा सकेगा. जो भी डाटा इस सॉफ्टवेयर में डाला जायेगा, वह जियो रेफरेंसिंग डाटा होगा. यानी वह डाटा एकदम सटीक होगा. इस प्रशिक्षण के प्रशिक्षक नरेंद्र कुमार, तथा जीआईएस टेक्नीशियन मनीष बक्शी थे.

आज के प्रशिक्षण में ऑनलाइन माध्यम से क्षेत्र के अन्य कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया गया. प्रशिक्षण में डीएफओ सारंडा चंद्रमौली प्रसाद सिन्हा, पोड़ाहाट डीएफओ नीतीश कुमार, डीएफओ चाईबासा सत्यम कुमार, डीएफओ कोल्हान अभिषेक भूषण, डीएफओ सरायकेला आदित्य नारायण, डीएफओ दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी अभिषेक कुमार, संलग्न पदाधिकारी प्रजेश कांत जेना, एसीएफ एलएन मरांडी, एसीएफ निरंजन कुमार, उपस्थित थे. इसमें सारंडा, पोड़ाहाट, कोल्हान, चाईबासा, सरायकेला, दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी, जमशेदपुर वन प्रमंडलों के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया.