खूंटी। जिला प्रशासन द्वारा डायन प्रथा जैसे कुप्रथा को समाप्त करने के लिये लगातार जागरुकता अभियान चलाया जाता है इसके बाद भी जिले में डायन विषाही जैसे कुप्रथा की कई घटनाएं सामने आ रही है, पीड़ित अपना घरवार छोड़ अन्यत्र शरण लेने पर मजबूर हैं। बता दें की पिछले दिनों मारंगहदा थाना क्षेत्र के रंगरोंग गांव से डायन विषाही का एक मामला प्रकाश में आया था जिसमें प्रार्थमिकी दर्ज होने के बाद भी अबतक आरोपीयों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसी क्रम बता दें की सोमवार को मारंगहदा थाना क्षेत्र के हीं ग्राम सीरुम के डोरोएडीह निवासी हाथीराम मुंडा और उसके पूरे परिवार को डायन विषाही जैसे कुप्रथा का शिकार होना पड़ा है, जो अपने गांववालों के डर से अपना घरवार छोड़ पूरे परिवार के साथ खूंटी में शरण लिये हुए हैं।

हाथीराम मुंडा ने घटनाक्रम को बताते हुए की, उसके भाई के पूरे परिवार द्वारा लगातार मेरे और मेरे परिवार वालों पर डायन होने का आरोप लगाया जाता है, उनलोगों के बहकावे में आकर पूरे गांव वाले हमलोगों को डायन कहकर मारपिट एवं अन्य प्रकार से प्रताड़ित करते हैं। इसके अलावे उनलोगों ने 15 सितम्बर तक में पचास हजार रुपये की मांग करते हुए कहा की उक्त तिथि तक पैसे नहीं देने से सभी की हत्या कर दी जाएगी। हाथीराम मुंडा ने आगे बताया कि हम मजदुरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं इतने पैसे मैं नहीं दे सकता था। इसलिये जान बचाने के लिये घरवार छोड़ अपने परिवार के साथ खूंटी में रह रहे हैं।

इस दौरान हाथीराम मुंडा की बेटी ने बताया की इस मामले को लेकर हमलोग थाने भी मारंगहदा थाना गए थे जहां थाना प्रभारी द्वारा हम दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करा दिया लेकिन समझौते के दूसरे दिन से हीं हमलोगों को फिर से प्रताड़ित किया जाने लगा जिसके बाद हमलोग फिर से थाना गए लेकिन थाने में भी हमलोगों को तीन-चार दिनों तक लगातार थाना बुलाकर वापस भेज दिया गया फिर चौथे दिन 25 सितम्बर को हमारी शिकायत दर्ज की गई है।हालांकि इस मामले पर पुलिस द्वारा कार्यवाई जारी हैं उम्मीद जताई गई है की जल्द आरोपीयों की गिरफ्तारी हो सकती है।