गुमला । ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास ,अभियान के तहत विकास भवन के सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा एवं उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अम्बष्ठ ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मौके पर उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का समेकित विकास राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने के उपायों में महात्मा गांधी नरेगा योजना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में सभी पदाधिकारी ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान को सफल बनाने में अपना विशेष योगदान दें।
वहीं उप विकास आयुक्त ने बताया कि यह अभियान दिनांक 22 सितंबर से 15 दिसंबर 2021 तक चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नियमित रोजगार दिवस का आयोजन, नियमित ग्राम सभा का आयोजन, इच्छुक सभी परिवारों को ससमय रोजगार उपलब्ध कराना, महिला एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति कोटि के श्रमिकों के भागीदारी में वृद्धि, प्रति परिवार औसतन मानव दिवस में वृद्धि, जॉब कार्ड निर्गत करना अथवा उसका नवीनीकरण करना, जॉब कार्ड का सत्यापन, प्रत्येक गांव/टोला में हर समय औसतन 5 से 6 योजनाओं का क्रियान्वयन, पूर्व से चली आ रही पुरानी योजनाओं को पूर्ण करना, प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पर्याप्त योजनाओं की स्वीकृति व शत प्रतिशत महिला मेट का नियोजन समेत अन्य है, ऐसे में उपस्थित पदाधिकारी इन कार्यों को विशेष प्राथमिकता दें ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके।
विकास भवन के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी बीबीएम जेएसएलपीएस, बीपीओ परियोजना पदाधिकारी मनरेगा के द्वारा ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान से जुड़ी बारीकियों व आगे किस प्रकार से इस अभियान के तहत कार्य करते हुए लोगों को लाभान्वित किया जाएगा उसके संदर्भ में जानकारी दी।
कार्यशाला में बताया गया कि गुमला जिले में प्रधानमंत्री आवास $ में 3917 आवास निर्माण का कार्य लंबित है। साथ ही सिसई, भरनो एवं पालकोट प्रखण्ड में इंदिरा आवास के बैकलॉग पूर्ण कराने में लक्ष्य से काफी पीछे है। डुमरी, रायडीह एवं गुमला प्रखण्ड में ग्राम पंचायत के कार्य असंतोषजनक है। इन पंचायतों में योजना के लिए निर्धारित राशि का व्यय भी अबतक शून्य है। उपायुक्त ने कार्यशाला के दौरान इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी को कार्यपद्धति में सुधार लाने का निर्देश दिया तथा कार्यशाला में भरनो प्रखण्ड के प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी की अनुपस्थिति पर उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि 30 सितम्बर को राज्य मुख्यालय में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धि की समीक्षा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी। इस बैठक में ग्रामीण विकास विभाग एवं मनरेगा योजनाओं पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को उप विकास आयुक्त से समन्वय बनाकर अद्यतन प्रतिवेदन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में 29 सितम्बर तक समर्पित करने का निर्देश दिया।
कार्यशाला में उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी देवेन्द्र नाथ भादुड़ी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना पदाधिकारी सहित सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।