लोहरदगा । उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो ने कहा कि हमारे समाज में आज कुपोषण आम समस्या है। कुपोषण के कारण व्यक्ति के शरीर में कई प्रकार की कमियां देखी जा सकती हैं। किसी की सेहत कमजोर है तो किसी की लंबाई कम। इसे दूर करने का उपाय यह है कि माताओं को पोषाहार दिया जाय। एक महिला पूरे परिवार की धुरी होती है। महिला स्वस्थ होगी तो आनेवाली पीढ़ी स्वस्थ होगी। उन्हें पोषक तत्व भोजन से देना होगा। बच्चों व माताओं के स्वास्थ की देखभाल अतिआवश्यक है। जिले एमटीसी केंद्रों में सैम व मैम बच्चों का इलाज किया जाता है, उन्हें पोषाहार देकर उन्हें सुपोषित किया जाता है। जिले में कई प्रखण्डों में एमटीसी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण किया गया है। सर्वे कराने के बाद जिले में लगभग 1 हजार कुपोषित बच्चों को इस स्पिरुलीना कार्यक्रम का लाभ दिया जायेगा । इस कार्यक्रम को लागू करने वाला यह लोहरदगा जिला पहला जिला है।

स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे को दे सकती है जन्म

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है। इस कार्यक्रम के जरिये कुपोषित बच्चों को स्पिरुलीना पोषाहार किट किया जायेगा जो प्रोटीन का बेहतर स्त्रोत है। बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए बच्चों को जन्म से छह माह तक सिर्फ मां का दूध दिया जाना आवश्यक है। आज स्पिरुलीना कार्यक्रम की शुरूआत की गई है जो जिला को कुपोषणमुक्त बनाने में काफी लाभकारी सिद्ध होगा।

अन्न प्राशन, गोदभराई व पुरस्कार

आज के कार्यक्रम में 10 बच्चों का अन्नप्राशन और 10 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। नगर भवन सभागार में विभिन्न प्रखण्डों के बाल विकास परियोजना एवं तेजस्विनी परियोजना, लोहरदगा की ओर से पोषण स्टाॅल लगाये गये थे। इनमें से बाल विकास परियोजना कुडू का प्रथम, किस्को को द्वितीय, सेन्हा को तृतीय, भण्डरा को चतुर्थ, लोहरदगा सदर को पांचवा और तेजस्विनी परियोजना की ओर से लगाये गये स्टाॅल को छठा पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन के पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य पदाधिकारियों द्वार स्टाॅल का निरीक्षण भी किया गया।

आज के कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि नीशीथ जायसवाल, अशोक यादव, जिला प्रशासन की ओर से अनुमण्डल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ शम्भूनाथ चौधरी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रवीण केरकेट्टा, श्रेया सिंह समेत अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चे शामिल हुए।