पाकुड़ | मंगलवार को जितिया पर्व धुमधाम से मनाय गया।वह पुत्र की लंबी उम्र की कामना को लेकर होने वाले पावन त्योहार जितिया पर्व नहाए खाए
के साथ आरंभ हो गया ।इसको लेकर बाजारों में खरीदारी को लेकर लोगों का खासा भीड़ देखने को मिली कल विपक्षी दलों के द्वारा भारत बंद को लेकर महिलाओं में मायूसी थी लेकिन दिन मंगलवार को महिलाओं ने खरीदारी की
सुबह से बाजार सहित सजधजकर तैयार था और लोग सुबह से खरीदारी में जुटे हुए दिखे शहर से लेकर गांव में जितिया की पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। पर मैं डाला भरने को लेकर फलों के साथ फूल डाले जाते हैं। इस पूर्व में खाजा का विशेष महत्व होता है ।फलों का बाजार भी गर्म देखे गए।वैसे हिंदू धर्म की साल में 365 त्यौहार होते है।और सभी में फलों का बाजार गर्म हो जाता है। लेकिन लोग कीमत की परवाह नहीं करते फल फूल खाजा डाला का भाव में काफी उछाल देखा गया ।इसका पूजन प्रदोष काल में होता है। यही सर्वोत्तम माना जाता है महिलाएं कुस की प्रतिमा बनाकर डाला भरकर जितबंधन गोसाई की पूजा करती है l
इस पर्व में झिंगली का पता और झिंग्ली का सबसे छोटा फल फूल समेत जो होता है उसे महिलाएं निगलती है और कुछ महिलाएं मछली खाकर ब्रत की शुरुआत करती है इस पर्व में ओठगन बनाने की भी परंपरा है
आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को हर वर्ष या पर्व किया जाता है माताएं अपने संस्थानों की सुरक्षा दीर्घायु जीवन और समृद्धि के लिए निर्जला उपवास रखती है व्रत की शुरुआत सोमवार नहाए खाए से से हो चुकी है शुरुआत मंगलवार शाम 4:00 से बुधवार शाम 4:00 बजे तक रहेगा धार्मिक मान्यता के अनुसार तिथि मान्य होती है और यह 30 तारीख यानी गुरुवार को स्नान पूजन अर्चना के बाद पारण कर सकेगी महिलाएं l