सभी प्रखंडों में इस योजना के तहत किया जाएगा कार्य, राज्य से निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में करें पूर्ण

पाकुड़ | समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान की सफलता को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त श्री वरुण रंजन ने किया। मौके पर उप विकास आयुक्त श्री अनमाेल कुमार सिंह, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), जिला परियोजना पदाधिकारी मोतिउर रहमान, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (जेएसएलपीएस), समेत डीआरडीए कर्मीआदि उपस्थित थे। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त श्री वरुण रंजन, उप विकास आयुक्त श्री अनमाेल कुमार सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष श्री बाबूधन मुर्मू, जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री मुकेश कुमार शुक्ला,सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंड के प्रमुख आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मौके पर अपने संबोधन में उपायुक्त वरुण रंजन ने विस्तार से ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान के संदर्भ में बताया। इस अभियान के उद्देश्यों पर भी चर्चा की। कहा कि यह अभियान आगामी 15 दिसंबर तक जारी रहेगा। कहा कि राज्य द्वारा विभिन्न श्रेणियों (पीडी जेनरेशन, महिला भागीदारी, एसटी – एससी भागीदारी आदि) में खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल 168 प्रखंडों को चिन्हित किया है। इन्हीं प्रखंडों में मनरेगा के प्रदर्शन को बेहतर करने, इसके उद्देश्य को पूरा करने के लिए इस अभियान को शुरू किया गया है। इनमें जिले के भी पांच प्रखंड शामिल है। यह काफी अफसोसजनक है, इसमें अविलंब सुधार की आवश्यकता है। इस अभियान के तहत शामिल प्रखंड के अलावा शेष प्रखंडों में भी यह अभियान जारी रहेगा। ताकि मनरेगा के कार्यों में अपेक्षित प्रगति दर्ज की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि मनरेगा में जो संचालित योजनाएं हैं। जिससे कि उसका परिणाम बेहतर हो सके। मनरेगा स्कीम बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है। इस स्क्रीन पर सरकार का बहुत ही फोकस है। मनरेगा का उद्देश्य है कि वैसे लोग को रोजगार मुहैया करवाना जिसके पास कोई रोजगार नहीं है। कैसे हम लोग गांव के लोगों को मनरेगा से रोजगार दे सकें। जिले में एक परियोजना शुरू की गई है चास हाट परियोजना। 8000 किसानों को इस योजना से जोड़ा गया है। खेती करते हुए एक अच्छे आमदनी प्राप्त कर सके। इस अभियान में जो लक्ष्य सरकार से दिया गया है उसे पूर्ण करें।
उप विकास आयुक्त अनमाेल कुमार सिंह ने कहा कि पीडी जनरेशन में गिरावट आई है। महिलाओं की भागीदारी में विशेष ध्यान देने की जरूरत रिजेक्ट ट्रांजैक्शन एवं पुरानी योजनाओं को पूर्ण करना है। महिला मेट को शत परसेंट कैसे सुनिश्चित करें इस पर ध्यान देने की जरूरत है। लोगों में जागरूकता की कमी है, लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। मेट को ससमय मजदूरी का भुगतान करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं की अनुश्रवण नहीं हो पा रहा है। मौके पर परियोजना पदाधिकारी मोतिउर रहमान मनरेगा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से अभियान के कार्यक्रम (समय सारिणी, प्रतिभागी, अध्यक्षता), उसके उद्देश्य, जागरूकता कार्यक्रम, रोजगार महादिवस का आयोजन, ग्राम सभा का आयोजन, गैर सरकारी संगठनों की भूमिका, अभियान का लक्ष्य के संबंध में बताया। मौके पर बताया कि मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएं। राज्य के औसत प्रतिशत से जिले का प्रतिशत ज्यादा हो इस लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ें। मानव दिवस सृजन में प्रगति लाएं, एससी – एसटी मजदूरों की भागीदारी बढ़ाएं, लोगों का पलायन रोकें। साथ ही, छोटी मोटी योजना जो अपूर्ण है, उसे अविलंब पूर्ण करें। प्रत्येक गांव टोले में हर समय औसतन 5 –6 योजनाओं का क्रियान्वयन हो इसे सभी सुनिश्चित करेंगे। कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला गया। संबंधित सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य के गति बढ़ाने पर बल दिया गया।
मौके पर सभी प्रखंडों के बीडीओ, बीपीओ ,जेएसएलपीएस ,प्रमुख , मुखिया, जेइ ,ऐंइ आदि उपस्थित थे।