हजारीबाग । विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित बहुद्देशीय भवन एवं डिजिटल स्टूडियो के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल रमेश बैस शामिल हुए| इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित सभागार में अपने संबोधन में कहा कि समाज व राष्ट्र के विकास में शिक्षा की अहम भूमिका होती है| वैश्वीकरण के इस दौर में हमें अपने विद्यार्थियों को हर हाल में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करनी होगी ताकि वे अपने ज्ञान व कौशल से रोजगार हासिल कर सके. विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिले इसके लिए हमें हमेशा प्रयासरत रहना है हमारा यह दायित्व होना चाहिए कि हमारे विद्यार्थियों में महिलाओं के प्रति सम्मान, व्यक्तिगत जीवन में सत्य और ईमानदारी, आचरण में अनुशासन एवं आत्म संयम तथा कार्य में दायित्व की भावना विकसित हो. हमारा प्रयास सभी को उच्च शिक्षा मिले इस ओर होना चाहिए,शिक्षा से ही लोगों में जागरूकता आती है और सामाजिक कुरीतियों का अंत होता है| शिक्षा की गुणवत्ता व सबके लिए समान शिक्षा के अवसर सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण सरकारी स्कूलों में गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषयों के शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाना अति आवश्यक है। साथ ही उन्होंने कहा शिक्षा या स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आधारभूत मानव संसाधन व आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण में विशेष फोकस रहेगा। कोविड-19 के गंभीर संकट के समय ऑनलाइन शिक्षा ही एकमात्र विकल्प के रूप में सामने आया ऐसे में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डिजिटल स्टूडियो का सार्थक निर्माण चुनौतियों को अवसर में बदलने का जीवन प्रमाण है| शिक्षकों को अपने ज्ञान और विविधता का प्रसार करने में यह एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा जिससे वर्तमान में विद्यार्थियों को लाभान्वित होने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी धरोहर का केंद्र बनेगा| यूट्यूब एवं अन्य संचार के माध्यम से डिजिटल स्टूडियो का लाभ वैश्विक स्तर पर होगा। बहुउद्देशीय भवन विद्यार्थियों, कर्मचारियों के लिए इंडोर खेलों की सुविधा से भरपूर है इससे खेल भावना के विकास में अहम भूमिका निभाएगा| उन्होंने कहा कि मेरा यह विश्वास है कि विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के पीड़ित जनों की सेवा हेतु फिजियोथैरेपी जैसे उपयोगी पाठ्यक्रम का केंद्र भी होगा| सेवा, रोजगार परक शिक्षा तथा खेल तीनों की अद्भुत त्रिवेणी का निर्माण कोविड-19 काल में अपने आप में एक प्रशंसनीय कार्य है|
इस दौरान विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ मुकुल नारायण देव ने अतिथियों का स्वागत भाषण करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को साझा किया। साथ ही लॉकडाउन के दौरान विश्वविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था संचालन के लिए ऑनलाइन माध्यम से पाठ्यक्रम का संचालन की जानकारी दी।