हजारीबाग । तीन कृषि काला कानून तथा अप्रत्याशित मुल्य वृद्धि के खिलाफ भाजपा विरोधी दलों का संयुक्त एकदिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया । धरना कार्यक्रम में कांग्रेस, झामुमो, आरजेडी, सीपीआई, सीपीएम, भाकपा माले, बसपा भाजप विरोधी दल शमिल हुए । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि कृषि तीन काला कानून और अप्रत्याशित मुल्य वृद्धि की जानकारी देते हुए कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार नें अड़ियल रवैया से देश को बर्बाद करने पर तुली हुई करीब-करीब नौ महिनों से किसान अपनी मांग को लेकर कई किसानों नें अपनें प्रणों की आहुति भी दे चुकें हैं वंही दुसरी ओर पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के अतिरिक्त खाद्य सामग्री की मंहगाई अपने चरम सीमा को पार कर चुकी है ।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सीपीआई के प्रदेश सचिव भुनेश्वर प्रसाद मेहता नें कहा कि विगत मानसून सत्र 2020 संसद में किसान विरोधी कृषि तीन काला कानून प्रथम किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नही मिलेगा, बिचौलिए हावी होंगे एंव ओने-पौने दाम में ही धान एंव गेंहू बिकेगा, जिससे उत्पादन लागत भी पूरा नहीं हो सकेगा । विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित बड़कगांव गांव की विधायक अंबा प्रसाद नें कहा कि द्वितीय काला कानून जगह-जगह कृषि बाजार मंडी भी समाप्त हो जायेंगे, जहां हम अत्यधिक अनाज को बेच नहीं पाएंगे तथा इसमें लगे लाखों लोग बेरोजगार हो जायंगे । झामूमो के जिला अध्यक्ष शंभू लाल यादव ने कहा कि तृतीय काला कानून भंडारण की सीमा समाप्त कर दिया गया है, जिससे बड़े पूंजीपति लोग अनाज का जमाखोरी करेंगे । एक तरफ तो किसानों से कम दाम में अनाज खरिदेंगे दुसरी तरफ उपभोक्ताओं से अधिक मूल्य वसूल करेंगे । कार्यक्रम का संचालन सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू तथा उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को एक 11 सुत्री मांगपत्र का ज्ञापन सौंपा गया ।