• लोहरदगा । अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ लोहरदगा इकाई के अनुरोध पर लोहरदगा जिले में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण करने के लिए अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे के नेतृत्व में राज्य प्रतिनिधि मंडल जिला शिक्षा अधीक्षक लोहरदगा से मुलाकात किया एवं जिले में शिक्षकों की मुख्य समस्याओं पर बिंदुवार वार्ता की।
  1. सेवा संपुष्टि- विभागीय पदाधिकारियों की बार बार आदेश देने के उपरांत भी जिले के अधिकांश शिक्षकों की सेवा संपुष्टि अब तक नहीं हो पाई है ।
  2. वेतन संरक्षण- वित्त विभाग झारखंड सरकार के संकल्प संख्या 660 दिनांक 28-02-2009 के कंडिका 8 की उप कंडिका 3 एवं 4 के आदेशानुसार कोई भी वरीय कर्मी अपने से समकक्ष अथवा कनीय कर्मी के वेतन से कम प्राप्त करता है तो वरीय कर्मी का वेतन कनीय के बराबर किया जाना है। झारखंड सरकार के संकल्प संख्या 1185 दिनांक 02-07-2012 की आदेशानुसार जिन कर्मियों का वेतन वृद्धि की तारीख 2 फरवरी से 30 जून तक पूर्व वेतनमान में थी उनका छठे वेतनमान में वेतन का निर्धारण पूर्व के वेतनमान में एक वेतन वृद्धि जोड़कर वेतन का निर्धारण किया जाएगा। इस पत्र के कारण कनीय शिक्षकों का वेतन वरीय शिक्षक से अधिक हो गया है। अतः शिक्षकों को वेतन संरक्षण का लाभ से संबंधित मांग पिछले लगभग 2 वर्षों से लंबित है।
  3. प्रोन्नति से संबंधित – श्रीमान विगत 30- 32 वर्षों से जिले में स्थाई प्रधानाध्यापक एवं स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की प्रोन्नति नहीं दी गई है। नियुक्ति तिथि से ग्रेड 1 प्राप्त करने के आदेश के दायरे में आनेवाले शिक्षकों को, जो स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखण्ड राँची के संकल्प संख्या – 3027 या 1145 से आच्छादित हैं ,उन्हें ये लाभ हमारे जिले में नहीं मिला है। भूतलक्षी प्रोन्नति के संबंध में संघ की पुरजोर मांग पर भी जिला शिक्षा अधीक्षक लोहरदगा द्वारा ग्रेड 3,4 एवम् 7 में प्रोन्नति की प्रक्रिया में सरकार के सचिव, स्कूली शिक्षा एवम साक्षरता विभाग, झारखंड के पत्रांक- 619 दिनांक:26/08/2021 का अक्षरश: अनुपालन नहीं किया जा रहा है और न तो संघीय पदाधिकारियों को इसकी सुचना दी जाती है ।
  4. हाईस्कूल प्रभार – जिले में हाईस्कूल का प्रभार मात्र 2-3 वर्षों की कार्यानुभव रखने वाले शिक्षकों को दिया गया है जो विभागीय पत्रांक 419 के अनुकूल नहीं है। इस संबंध में क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी के सम्बन्धित आदेश पर रोक लगाई गई है जिसका अनुपालन इनके द्वारा नहीं किया जा रहा है ।

5 . लॉकडाउन अवधि में बिना शिक्षकों को सूचना दिए हुए विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया गया था। लाक डाउन के कारण विद्यालय बंद अवधि दिनांक 10 -06-2021 को में निरीक्षण के नाम पर कुछ शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोका गया था, जिसमें कुछ शिक्षकों का वेतन चालू किया गया परंतु जिले में बहुत सारे शिक्षकों का वेतन विभिन्न कारणों से लंबित रखा गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति-टेक्निकल गड़बड़ी के कारण बायोमेट्रिक उपस्थिति बनाने में कठिनाई हो रही है विद्यालय में कोष शून्य है। ऐसी स्थिति में बायोमेट्रिक उपस्थिति को वेतन भुगतान हेतु अनिवार्य करना उचित नहीं है।

  1. पेंशन आपके द्वार कार्यक्रम:- जिला में पेंशन आपके द्वार कार्यक्रम नहीं चलाया जा रहा है जिससे शिक्षकों को पेंशन संबंधी कार्य कराने में कठिनाई हो रही है। कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षकों का पावना 15 दिन के अंदर भुगतान करने का विभागीय आदेश प्राप्त है परंतु उनका पेंशन संबंधी एवं अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के कार्य अभी तक किसी शिक्षक का नहीं किया गया है जिसे अति शीघ्र करने की जरूरत है।
  2. शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन- 5 सितंबर 21 को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन भी जिले में नहीं किया गय।
  3. दिनांक 10 -06-2021 को लॉकडाउन अवधि में बिना शिक्षकों को सूचना दिए हुए विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया गया था और उस को आधार बनाकर शिक्षकों का वेतन बंद कर दिया गया था जिसमें कुछ शिक्षकों का वेतन चालू किया गया परंतु जिले में बहुत सारे शिक्षकों का वेतन विभिन्न कारणों से लंबित रखा गया है।
    प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण वार्ता के क्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक ने शिक्षकों के समस्याओं के निराकरण के लिए समयबद्ध सहमति दिया। उन्होंने जिला में सभी शिक्षकों की सेवा संपुष्टि 1 सप्ताह के अंदर कराने का आश्वासन दिया। वेतन संरक्षण के मामले में उन्होंने कहा कि नवंबर माह तक इस समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा। प्रोन्नति से संबंधित सहमति जिला स्थापना से दो से 3 सप्ताह में ले ली जाएगी एवं इसमें सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पत्रांक 619 दिनांक 26 -8- 21 का अक्षरशः पालन किया जाएगा एवं अनुकंपा धारी शिक्षकों का वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा। हाई स्कूल प्रभार के संबंध में उन्होंने जानकारी दी कि अब R D D E का आदेश प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण मृत शिक्षकों का प्रस्ताव प्राप्त होते ही तुरंत भुगतान किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक ने शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित नहीं होने पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि राशि की निकासी के पश्चात जल्दी ही जिले में शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन शिक्षकों को धरना प्रदर्शन के कारण स्पष्टीकरण पूछा गया था उन पर कोई अग्रेतर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
    प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधीक्षक के साथ वार्ता से संतोष व्यक्त किया एवं शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण करने के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया।
    प्रतिनिधिमंडल में अजप्टा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे, उपाध्यक्ष हरे कृष्ण चौधरी ,राज्य प्रेस प्रवक्ता नसीम अहमद ,राज्य प्रवक्ता राकेश कुमार ,रांची जिला अध्यक्ष सलीम सहाय तिग्गा, प्रमंडलीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ,प्रमंडलीय महासचिव अनिल खलखो, जिला अध्यक्ष मनी उरांव, जिला महासचिव विनोद कुमार सिंह ,संगठन मंत्री संजय कुमार सिंह, के साथ गणेश लाल ,अनिल कुमार शुक्ला, मुस्ताक अहमद ,नसीमुद्दीन मिरदाहा ,हसन अंसारी ,कन्हैया द्विवेदी ,दिलीप कुमार साहू, सुहेल अहमद ,राजेंद्र उरांव ,गणेश प्रसाद, आनंद कुमार सिंह, बुधराम उरांव, वकील भगत ,वीरेंद्र उरांव , शशि भूषण प्रसाद ,राहुल कुमार, अभिषेक कुमार, शंभू कुमार शर्मा, मसूद आलम, तबारक अंसारी, देवनंदन नायक, सुकरा उरांव, नरेश कुमार दसौंधि, उमेश्वर राम , शशि भूषण भगत,सतीश कुमार सुनिती मींज रामप्रवेश गुप्ता सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।