रांची । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अपना खेल कैलेंडर जारी कर दिया है. इस साल दिसंबर के तीसरे सप्ताह से लेकर जनवरी, 2022 के दूसरे सप्ताह तक खेल आयोजन होंगे. अलग-अलग खेल कैटेगरी का आयोजन अलग-अलग तिथियों में विभिन्न राज्यों में किया जायेगा. योग (भारतीय) को छोड़कर उन खेलों को इसमें शामिल किया गया है जो एशियाई से लेकर ओलंपिक स्तर तक खेले जाते हैं. स्कूली स्तर पर खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के नेशनल इवेंट के जरिये उभरती हुई खेल प्रतिभाओं की परख की जाती है. अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 के आयु वर्ग के खिलाड़ी इसके जरिये खेलों में अपना भविष्य बनाने की बुनियाद तैयार करते हैं. पर जारी खेल कैलेंडर में तलवारबाजी (फेंसिंग) को शामिल नहीं किये जाने पर सवाल उठ रहे हैं. भवानी देवी जैसे फेंसिंग प्लेयर आखिर ओलंपिक के लिये कैसे तैयार किये जा सकेंगे.

भविष्य के लिये कैसे मिलेंगे फेंसिंग में ओलंपियन

झारखंड फेंसिंग एसोसिएशन के प्रमुख अर्चित आनंद कहते हैं कि एसजीएफआई ने ओलंपिक और नेशनल गेम्स के सभी खेलों को शामिल किया है पर फेंसिंग को स्कूली खेलकूद में शामिल क्यों नहीं किया गया है, इसकी वजह समझ नहीं आ रही. स्कूल से ही भविष्य के ओलंपियन और इंटरनेशनल प्लेयर का जन्म होता है. जिन खिलाड़ियों ने फेंसिंग को चुना और सालभर इसकी तैयारी की, अब वे कहां जायेंगे. यह गलत है. एसजीएफआई को इसकी जानकारी देनी होगी. फेंसिंग उन खेलों में है जिनमें पदक की संभावना रहती है. ऐसे में इस फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है.

तमिलनाडू की 27 वर्षीय खिलाड़ी सी ए भवानी देवी फेंसिंग के खेल में उस लिस्ट में है जिसने पहली बार भारत की ओर से टोक्यो ओलंपिक खेल में जगह बनायी थी. अब तक इससे पहले इस खेल में किसी और भारतीय खिलाड़ी को इस स्तर तक खेलने का मौका नहीं मिला था. ऐसे में जहां एक ओर भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक में अपना हुनर दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस खेल के सामने संकट खड़ा किया जा रहा.

झारखंड भी करेगा मेजबानी

66वीं नेशनल स्कूल गेम्स (2021-22) के लिये जारी कैलेंडर के मुताबिक झारखंड को भी कुछ खेल टूर्नामेंट के आयोजन की जवाबदेही मिली है. आर्चरी (रांची), फूटबॉल (अंडर-14 और अंडर-17, रांची) कबड्डी (अंडर-14, रांची), वॉलीबॉल (अंडर-17, रांची) और वुशू (अंडर-14, 17, 19, रांची) के गेम्स रांची में होंगे. खेल निदेशालय को इसके आयोजन का जिम्मा दिया गया है.