रांची । झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने राज्य के 24 जिलों में महात्मा गांधी की 152वीं और लाल बहादुर शास्त्री जी की 118वीं जयंती को समारोह पूर्वक मनाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके आदर्शों को आत्मसात कर नए भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया. इस अवसर पर झररखण्ड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ के केंद्रीय संयुक्त सचिव सुशील कुमार पांडेय ने राज्य के समस्त अनुबंध कर्मियों को एकजुट होकर गांधी जी के सत्याग्रह आंदोलन चलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सत्ता चाहे किसी की हो वह बिना आंदोलन के निरंकुश हो जाती है.

राज्य में अनुबंध कर्मी अल्प मानदेय पर शोषित हैं, आंदोलनकारी अनुबंध कर्मी लगातर बर्खास्त हो रहे हैं, उनकी असामयिक मौत हो रही है, अनुबंध कर्मियों की समस्या और समाधान के लिए बनी कमिटी सिर्फ सालभर से लेटर-लेटर खेल रही है. अनुबंध कर्मियों की आशा अब निराशा में बदल रही है. हमें विचार करना होगा कि सत्ता परिवर्तन सिर्फ राजनेताओं की खुशी और अफसरों की मनमानी के लिए नहीं हुआ है, यह सत्ता वर्षो से उपेक्षित समुदाय के कल्याण के लिए हुआ है मगर 21 माह पुरानी सरकार में अनुबंध कर्मियों के एक भी हितों की पूर्त्ति नहीं हुई.

झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश सोरेन ने कहा कि शासक को जनता में प्रशासन की प्रतिक्रिया का भी अनुभव करना चाहिए. इस अवसर संघ का लोगो (प्रतीक) चिन्ह का भी अनावरण कर संघ को समर्पित किया गया. इस अवसर पर शंकर सेठ, संजीत कुमार, महावीर मुंडा, रुपेश नायक, दिनेश कुमार, लीलमोहन मुंडा, पूर्णचंद्र सिंह मुंडा ,आनंद सिंह मुंडा, घनश्याम महतो दीनबंधु महतो सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे.