रांची । सरकार ने कांटाटोली फ्लाईओवर के लिए राशि तो स्वीकृत कर दी है, लेकिन अभी तक रैयतों को लेकर अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इसको लेकर एकबार फिर से प्रशासन द्वारा रैयतों का सर्वे कराया जा रहा है. फ्लाईओवर के लिए सरकार ने 224 करोड़ के इस्टीमेट को मंजूरी दी है. यह राशि रैयतों के मुआवजे की है. पूर्व में किये गए सर्वे के अनुसार वहां खासमहाल लीज की ज्यादा जमीन चिन्हित गई थी. जिस वजह से भुगतान नहीं किया जा सका था.

कितनी जमीन लीज़ की है, प्रशासन कर रहा है सर्वे

इस परियोजना के लिए जो जमीन ली जा रही है, उसमे कितनी जमीन रैयत है और कितनी जमीन लीज की है प्रशासन पता लगा रहा है.

कई बार डीपीआर बना और बदला भी

इस दौरान कई बार डीपीआर बना और कई बार बदला भी. पहले से स्वीकृत कांटाटोली फ्लाइओवर निर्माण परियोजना के समापन की स्वीकृति योगदा सत्संग आश्रम, बहू बाजार से कोकर व शांति नगर तक (वाया कांटाटोली चौक) के लिए प्रदान की गई है. यहां 2040 मीटर लंबे फ्लाइओवर का निर्माण किया जाना है. इसके लिए कोकरगड़ा टोली से योगदा सत्संग आश्रम तक जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. जिसका प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है. फ्लाईओवर बनने के बाद राजधानी वासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगा.

एब बार फिर बढ़ी फ्लाइओवर की राशि

कांटाटोली फ्लाइओवर के निर्माण के लिए बजट की राशि एक बार फिर बढ़ गई है. कांटाटोली फ्लाइओवर निर्माण की लागत बढ़कर 224 करोड़ रुपये हो गई है. शुरुआत में 48 करोड़ की डीपीआर बनी थी. धीरे-धीरे 84 करोड़ पहुंचा. इसके बाद फ्लाइओवर निर्माण की लागत 187 करोड़ पहुंची और फिर मंगलवार को झारखंड कैबिनेट में इसके निर्माण के लिए बजट राशि 224 करोड़ तक जा पहुंची.

कांटाटोली फ्लाइओवर का काम पिछले दो वर्षों से बंद है

कांटाटोली फ्लाइओवर का काम पिछले दो वर्षों से बंद है. फ्लाइओवर निर्माण की योजना को कैबिनेट ने वर्ष 2016 में मंजूरी दी थी. 2017 में इसका काम आवंटित किया गया था, लेकिन भू-अर्जन नहीं होने के कारण काम चालू नहीं हो सका. मई 2018 में भू-अर्जन का काम पूरा हुआ. जून 2018 में क्लियरेंस के बाद काम शुरू किया गया था.

वर्ष 2017 में फ्लाइओवर का प्रारंभिक डीपीआर 48 करोड़ का था
वर्ष 2017 में फ्लाइओवर का प्रारंभिक डीपीआर 48 करोड़ रुपये था. काम शुरू होते-होते यह बढ़कर 84 करोड़ हो गया. फिर तकनीकी खामियों को पकड़ने की बात करते हुए काम रोक दिया गया. अब 84 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में लगभग 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है. यह राशि फ्लाइओवर के लिए भूमि अधिग्रहण पर होनेवाले खर्च से अलग है.

75 लोगों को भेजा गया था नोटिस

कांटाटोली फ्लाईओवर के लिए 65 प्लॉट का अधिग्रहण होना है. इन प्लॉटों पर करीब 250 रैयत रह रहे हैं. कैंप में आए रैयतों का कहना था कि 250 से अधिक रैयतों की जमीन जाएगी, लेकिन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन की ओर से महज 75 लोगों को ही नोटिस दिया गया था. यह नोटिस जिला भू-अर्जन की ओर से कैंप के बाद रैयतों को नोटिस जारी किया गया था.