लोहरदगा l हरि वनवासी विकास समिति द्वारा संचालित विद्यालय रामकली देवी सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में शनिवार को गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती मनाई गई । इस अवसर पर विद्यालय के निर्देशिका डॉ राज मित्तल, अध्यक्ष वीरेंद्र मित्तल ,कोषाध्यक्ष राम ध्यान सिंह ,प्रधानाचार्य सूरज साहु ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। सबसे पहले विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए। उसके बाद देशभक्ति गीत पर बहनों द्वारा नृत्य प्रस्तुत किए गए। इसके उपरांत प्रियांशु राज, मृत्युंजय विश्वकर्मा, एवं मनीष कुमार द्वारा गांधी जयंती सह शास्त्री जयंती के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला गया।इस अवसर पर विद्यालय के निर्देशिका महोदया ने कहा कि महात्मा गांधी सत्य एवं अहिंसा के पुजारी थे। महात्मा गांधी हमारे देश के राष्ट्रपिता के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने देश को आजाद कराने में अपना जीवन न्योछावर कर दिया। गांधी जी द्वारा चलाए गए सहयोग आंदोलन एवं भारत छोड़ो आंदोलन में लाल बहादुर शास्त्री ने हिस्सा लिया।विद्यालय के अध्यक्ष वीरेंद्र मित्तल ने कहा कि जयंती मनाना तक सफल होगा जब हम महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के बताए हुए मार्ग पर चलेंगे। वह उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।विद्यालय के कोषाध्यक्ष राम ध्यान सिंह जी ने कहा कि गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 ईसवी को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान में हुआ था।देश को आजाद कराने के लिए तरह-तरह के आंदोलन की शुरुआत की गई, जैसे असहयोग आंदोलन ,दांडी मार्च आदि। लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था । उनकी माता का नाम राम दुलारी देवी एवं पिता का नाम मुंशी प्रसाद श्रीवास्तव था। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरज साहू ने कहा कि अगर हम महात्मा गांधी के बताए हुए रास्ते पर चलेंगे तो निश्चित रूप से हमें सफलता की प्राप्ति होगी। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्य आचार्या उपस्थित थे।