गुमला | गाँधी स्मारक पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 152वीं तथा पूर्व प्रधानमंत्री सादगी के प्रतीक लाल बहादुर शास्त्री की 118वीं जयंती संयुक्त रूप से मनाई गई।
उपायुक्त ने कहा गाँधी जी के उच्च विचारों ने न सिर्फ हमारे देश का मार्गदर्शन किया बल्कि पूरे विश्व को भी अहिंसा की राह दिखाई।बापू के विचार आज भी देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करते है ।

जय जवान जय किसान के प्रणेता लाल बहादुर शास्त्री का राष्ट्रीय आंदोलन तथा आजाद भारत के विकास में खास योगदान है- उपायुक्त

आजादी के 75वें वर्षगाँठ को पूरे देश में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है। आज कार्यक्रम की श्रृंख्ला में राष्ट्रीय आंदोलन के नेतृत्वकर्त्ता, अहिसा के पुजारी विश्व मानव राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 152वीं तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की 118वीं जयंती संयुक्त रूप से मनाई गई। इस अवसर पर गाँधी पार्क स्थित गाँधी जी की आदमकद प्रतिमा पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत, परियोजना निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, नजारत उपसमाहर्त्ता सिद्धार्थ शंकर चौधरी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी मोनिका रानी टूटी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता सुषमा नीलम सोरेंग, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.मोहम्मद कलाम, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, सहायक जिला योजना पदाधिकारी विभूति नारायण सिंह सहित कई विभागीय पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात् पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की 118वीं जयंती पर उनके तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को स्मरण करते हुए उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि आज देश विदेश में इस दिन को अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाते हैं। जैसे की हम जानते हैं की गाँधी जी के अहिंसा के सिद्धांतों को पूरे दुनिया ने सराहा और उसे मान्यता दी। महात्मा गाँधी के उच्च विचारों ने न सिर्फ हमारे देश का मार्गदर्शन किया बल्कि पूरे विश्व को भी अहिंसा की राह दिखाई। जिस प्रकार उन्होंने अपने देश को अहिंसा के साथ आज़ादी दिलाई वो अपने आप में एक मिसाल है। गाँधी जी अपने पीछे सिद्धांतों की एक श्रृंखला छोड़ गए हैं, जिन्हें आज भी अत्यंत महत्व के साथ देखा जाता है। उनके प्रेरक शब्दों एवं मार्गदर्शन ने लोगों को एक पल में आकर्षित किया और उन्हें मजबूत सिद्धांतों के आधार पर अपना जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। गांधी के संस्मरणों को अब तक की सबसे प्रभावशाली, उत्साहजनक और हृदयस्पर्शी यादों में से एक के रूप में सराहा गया है। देश को गुलामी की जंजीरों से बाहर निकालने में गाँधी जी का योगदान जगत विदित है। अहिंसा परमो धर्म के सिद्धान्त पर चलकर इन्होंने देश को एक जुट करके आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेने की प्रेरणा दी। गाँधी जी ही एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने देश की जनता को विश्वास दिलाया, कि यह स्वतंत्रता की लड़ाई सबकी लड़ाई है। एक छोटा सा योगदान भी देश की आजादी के लिए अहम हिस्सा हैं। इस तरह से देश की जनता ने स्वतंत्रता की लड़ाई को अपनी लड़ाई बनाया और एक जुट होकर 200 वर्षों की गुलामी की बेड़ियों को तोड़ दिया। बापू ने ना सिर्फ देश को आजादी दिलाई बल्कि अपने जीवन को ही लोगों के सामने एक प्रेरणा स्त्रोत के रूप में रख दिया। आम तौर पर हम जीवन में आने वाली मुश्किलों से ऐसे घबरा जाते हैं जिससे निकलने का रास्ता ही नहीं मिलता। लेकिन बापू का जीवन हमें ऐसी तमाम कठिनाईयों से निकलने की प्रेरणा देता है।
उपायुक्त ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को स्मरण करते हुए कहा कि जय जवान जय किसान का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री का देश की आजादी में खास योगदान है। अपनी स्वभाविक सहिष्णुता और सराहनीय सूझबूझ से समस्याओं को सुलझाने की जो शैली शास्त्रीजी ने अपनाई, उससे सबको पता चल गया कि जिस आदमी के कंधों पर भारत का भार रखा गया है, वह अडिग, आत्मविश्वास और हिमालयी व्यक्तित्व का स्वामी है। शास्त्रीजी प्राणपण से राष्ट्रोत्थान के लिए प्रयासशील रहे। वे राष्ट्रीय प्रगति के पर्वतारोही थे, इसलिए राष्ट्र को उन्होंने उपलब्धियों के उत्तुंग शिखर पर पहुंचाया। आज हमें आवश्यकता है कि इन महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लें तथा उनके द्वारा बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र को प्रगति की ओर ले जाने का प्रण करें।

विद्यालय सहित अन्य संस्थानों में गाँधी-शास्त्री जयंती मनाया गया

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 152वीं तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की 118वीं जयंती जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों, सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालयों में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंख्ला में महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के योगदान पर विद्यार्थियों के बीच भाषण एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।

महात्मा गाँधी की 152वीं जयंती के अवसर पर टाना भगत समुदाय ने बापू को किया याद

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 152वीं जयंती पर टाना भगत समुदाय के लोगों ने बापू को याद करते हुए गाँधी पार्क स्थित महात्मा गाँधी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। टाना भगत समुदाय गाँधी के अनुयायी हैं।समुदाय के लोगों ने अपनी सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना कर बापू के सिद्धान्तों को स्मरण किया।
इस अवसर पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत, परियोजना निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, नजारत उपसमाहर्त्ता सिद्धार्थ शंकर चौधरी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी मोनिका रानी टूटी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता सुषमा नीलम सोरेंग, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी, सहायक योजना पदाधिकारी विभूति नारायण सिंह, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.मोहम्मद कलाम, एसएमपीओ रेचल जोजोवार , टाना भगत समुदाय व अन्य उपस्थित थे।