रांची । हेमंत सरकार को बने करीब दो साल होने को हैं, पर अब भी झारखंड में 20 सूत्री, निगरानी समिति, निगम व बोर्ड का गठन अबूझ पहेली बनी हुई है. सीएम ने पिछले वर्ष 31 दिसंबर को यह कहा था कि बोर्ड निगम और 20 सूत्री कमेटी का गठन जल्द होगा. इसका खाका भी तैयार कर लिया गया है. पर अभी तक यह खाका कागजों में ही सिमटा हुआ है. धरातल पर यह कब आयेगा, इसे बताने की स्थिति में कोई नहीं है.

बदल गये कप्तान,पर नहीं हुआ बदलाव

सात माह पहले तक कांग्रेस, झामुमो और राजद बोर्ड आयोग को लेकर गंभीर दिख रहा था. तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने 14 जुलाई को कहा था कि जल्द ही बोर्ड निगम का गठन कर दिया जायेगा. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने जनवरी के अंत तक सारे बोर्ड निगम, 20 सूत्री निगरानी समिति का गठन करने का दावा किया था. 31 जनवरी का डेट भी फाइनल कर दिया था. उनके दावे के बाद कांग्रेस की ओर से चार सदस्यीय कमिटी गठित कर दी गयी. कमिटी में कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम,डॉ रामेश्वर उरांव, केशव महतो कमलेश और राजेश ठाकुर को शामिल किया गया. कहा गया कि यही कमिटी गठबंधन दलों के बीच बंटवारे का फार्मूला तय करेगी. लेकिन इसके बाद से सब ठंडे बस्ते में चला गया है. यहां तक कि अब कांग्रेस की कप्तानी रामेश्वर के बाद राजेश ठाकुर के हाथों में आ गयी है. फिर भी इसमें कोई नया अपडेट देखने को नहीं मिल रहा है.

बहाने होते रहे हजार

आरपीएन सिंह ने पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं को जनवरी तक 20 सूत्री, निगरानी समिति,बोर्ड निगम के गठन का टास्क दिया था. इसको लेकर पार्टी में हलचल भी शुरू हो गयी थी. सत्तारुढ़ दलों के बीच सीटों के आधार पर फार्मूला भी तय कर दिये जाने की बात कही गयी. चर्चा चली कि झामुमो, कांग्रेस और राजद के बीच 50:40:10 का अनुपात का हिसाब तय होगा. यह तय किया जाना था कि किस जिला, अनुमंडल और प्रखंड में किस पार्टी के लोग रहेंगे. जहां कांग्रेस के विधायक हैं, वहां उसी पार्टी के लोग बीस सूत्री और निगरानी समितियों में रहेंगे या उनसे अलग. सरकार में शामिल राजद के एक विधायक को भी एडजस्ट करना होगा. इसके बाद खरमास शुरू हो गया. फिर इससे बाद और भी बहाने सामने आते रहे. मामला अटका पड़ा है.

कांग्रेसी विधायकों में है उतावलापन

20 सूत्री, बोर्ड निगम के गठन को लेकर कांग्रेसी विधायक लगातार मुखर रहे हैं. इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला, अंबा प्रसाद, पूर्णिमा नीरज सिंह व दीपिका पांडेय समेत कई अन्य विधायक रांची से दिल्ली तक की दौड़ लगाते रहे हैं. आरपीएन सिंह से लेकर पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और दूसरे नेताओं तक इसके लिये गुहार लगाते दिखे हैं. विधायक दल के नेता और मंत्री आलमगीर आलम के पास भी कई बार दुखड़ा रोया है. हाल में आरपीएन सिंह रांची आये थे. होटल द रासो में विधायकों संग बैठक की थी इस दौरान भी सबों ने बोर्ड आयोग निगम के गठन का मसला उठाया था. कहा गया कि सीएम से भी आरपीएन सिंह ने इसको लेकर चर्चा की पर अब तक मामला हवा-हवाई ही है.