खूंटी। बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंड सखी (बीसीएस) बैंकों और ग्रामीण लोगों के बीच सेतु का काम कर रही हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में अपनी विविध सेवाओं के साथ, वे पूरी पंचायत में घर-घर जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। प्रभा देवी खूंटी के अड़की प्रखंड की रहने वाली हैं। कमल एसएचजी का हिस्सा होने के नाते, वह अगस्त, 2018 से एक सक्रिय सदस्य थीं। उन्हें जेएसएलपीएस की ब्लॉक टीम द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से बीसीएस की भूमिकाओं व जिम्मेदारियों के सम्बंध में जानकारियां दी गयी।

प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जुड़कर बीसी एजेंट के रूप में कार्य करना प्रारंभ किया। महामारी के आपदा की परिस्थितियों के दौरान प्रभा ने ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ-साथ मूलभूत बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाई। पिछले साल से, प्रभा ने 4560 व्यक्तिगत बैंक खाते खोले हैं और सबसे दूरस्थ आबादी को लाभान्वित करते हुए 195 लाख रुपये की राशि के 4180 लेनदेन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। अपनी सेवाओं के लिए बैंक द्वारा प्रदान किए गए प्रोत्साहन के माध्यम से, वह प्रति माह नौ से दस हजार कमा रही हैं। प्रभा ने न केवल अपने रोजगार सृजन का मार्ग खोला है बल्कि ग्रामीणों तक भी योजनाओं को पहुंचाने का बेहतर माध्यम बनी हैं।