लोहरदगा। जिला प्रशासन लोहरदगा की ओर से आज 15वें वित्त आयोग की योजना, प्रधानमंत्री आववास योजना (ग्रामीण) एवं जल जीवन मिशन की योजनाओं का क्रियान्वय हेतु उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 15वें वित्त आयोग की योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन की योजनाओं एवं क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायतों में राशि उपलब्ध है। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन, 2021 की घोषणा कभी भी हो सकती है इसलिए अगले दो-तीन दिनों के भीतर 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत आबद्ध और अनाबद्ध निधि में प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए पारित योजनाों का अभिलेख खोलें और प्रक्रिया पूरी कर योजनाओं का कार्य प्रारंभ करायें। जितनी राशि उपलब्ध है उतनी ही राशि की योजनाएं लें। आबद्ध और अनाबद्ध निधि से संबंधित जो दिशा-निर्देश प्राप्त है उसी के आलोक में योजनाएं लें। इसमें कोई विचलन ना हो। अगर उपलब्ध राशि को खर्च नहीं करते हैं तो अगले वित्तीय वर्ष में इस राशि की कटौती राज्य सरकार स्तर से की जायेगी। इसके अतिरिक्त 14वें वित्त आयोग की राशि अगर बची हुई है तो पूर्ण योजनाओं की जांच कर और उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त कर लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर लें।

आवास प्लस

उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस की स्वीकृति में लोहरदगा जिला राज्यभर में पहले स्थान पर हैं। जो चयनित लाभुक अपने आवास का निर्माण अब तक प्रारंभ नहीं करा पाये है उन्हें प्रथम किश्त का भुगतान करा कर कार्य प्रारंभ कराया जाय। लाभुक के बैंक खाते में यह राशि एक सप्ताह के भीतर दे दी जाय। प्रखण्ड स्तरीय पीएमएवाई के समन्वयक, प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी इस दिशा में लाभुक को प्रेरित करें। अगर लाभुक ढलाई कराने का इच्छुक नहीं है तो उसकी इच्छानुसार ही उसके मकान के छत का निर्माण कराया जाय।

जलजीवन मिशन व स्वच्छ भारत मिशन

उपायुक्त ने कहा कि पंचायतों में पेयजलापूर्ति और शौचालय निर्माण की योजनाएं संचालित हैं। इसके अलावा जल संरक्षण की योजनाओं को भी बढ़ावा देना है। लोगों को अपने घर की तरह अपना मोहल्ला भी साफ रखने के लिए प्रेरित करना है।

एक गांव में चलायें न्यूनतम पांच योजनाएं

उपायुक्त ने कहा कि मनरेगा अंतर्गत अधिक से अधिक मजदूरों को काम दें। एक गांव में कम से कम पांच योजनाएं अवश्य चलायें तभी मानव दिवस का सृजन होगा।

प्राथमिकता देते हुए योजनाएं करायें पूर्ण, लाभुकों को दें लाभ

उपायुक्त द्वारा मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के साथ दिनांक 30.09.2021 को प्रोजेक्ट भवन, रांची में हुए कार्यक्रम को लेकर सभी पदाधिकारियों को अवगत कराया। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निदेशों का अक्षरशः पालन कराने का निदेश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायतों में पोटो हो खेल विकास योजना अंतर्गत खेल मैदान का निर्माण करायें। कोरोना की वजह से बीते वर्ष लोहरदगा जिले के लगभग 42 हजार श्रमिक वापस आये जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं देखी गई। लोगों को हम इसी जिले में काम दें, इसके लिए अधिक से अधिक असंगठित मजदूरों का निबंधन ई-श्रम पोर्टल में करायें। मजदूरों का निबंधन ई-श्रम पोर्टल पर निःशुल्क चल रहा है।
किसानों को केसीसी दें। किसानों को खाद, बीज, सिंचाई आदि के लिए रूपयों की जरूरत होती है जिसकी पूर्ति हम केसीसी ऋण देकर कर सकते हैं। प्रखण्ड स्तर पर जितने केसीसी के आवेदन बैंकों पर लंबित हैं, एटीएम/बीटीएम, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी स्वंय इसमें रूचि लेकर उसे निष्पादित करायें।
पेंशन योजना अंतर्गत जितनी रिक्तियां हैं, उन्हें सभी बीडीओ भरें। कोई भी रिक्ति ना रहे। जो पेंशन के हकदार हैं, उन्हें पेंशन मिले।
फूलो-झानो आशीर्वाद योजना का लाभ वैसी महिलाओं को दिया जाना हैं जो हड़िया-दारू बेचने का काम करती हैं। इससे हमारा समाज और आनेवाली पीढ़ियां गलत रास्ते पर चल पड़ती है। ऐसी महिलाओं को हमें मुख्यधारा में शामिल करना है। इस दिशा में जेएसलपीएस कार्य कर रही है और उन्हें व्यवसाय शुरू कराने का कार्य चल रहा है।
हमारे जिले में डायन बिसाही प्रथा का उन्मूलन बहुत ही आवश्यक है। आये दिन ऐसे मामले सुनने को मिलते हैं। लोग आरोप लगाकर डायन-बिसाही के नाम पर हत्या कर देते हैं। लोगों को जागरूक करें।
एसटी-एससी अत्याचार अधिनियम की जानकारी लोगों तक पहुंचायें। किसी भी प्रकार के अत्याचार या शोषण का मामला एसटी-एससी से जुड़े वर्ग से आता हो तो वह मामला थाना में दर्ज अवश्य हो। पीड़ित व्यक्ति को जो राशि दी जाती है उसे वह अवश्य मिले।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन का लाभ एसटी,एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को दिया जा रहा है। कल्याण विभाग से संचालित इस योजना का लाभ सभी जरूरतमंद लोगों को दें। उनका आवेदन लें। जो युवक-युवतियां स्वरोजगार हेतु इच्छुक हैं वे अपना आवेदन दें। जिला स्तर पर उनका इंटरव्यू लेकर राज्य स्तर पर उनकी सूची भेजी जायेगी।
जिला में कृषि के साथ-साथ लोगों को पशुपालन से भी जोड़ें। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत अनुदानित दरों पर बकरी, मुर्गी, सूकर, बत्तख आदि दिया जा रहा है। लोगों को ऐसी योजनाओं से लाभान्वित करें। इच्छुक किसानों से संपर्क करें। किसानों को भूमि संरक्षण से सिंचाई योजनाओं का भी लाभ दें।
जिन वन क्षेत्रों में लोग वर्ष 2005 से पूर्व से रह रहे हैं उन्हें व्यक्तिगत वन पट्टा या सामुदायिक वन पट्टा का लाभ दें।
आपूर्ति विभाग से लोगों को राज्य खाद्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। जो लोग छूटे हुए हैं उन लोगों को भी लाभ दिलायें। उनका कार्ड बनवायें। इसके लिए अलावा अन्य कार्ड योजनाओं से भी लाभुकों को जोड़ा जाय। जिला आपूर्ति पदाधिकारी, मुखियागण इसमें प्रयास करें। शुद्ध भोजन सभी का अधिकार है। भोजन सभी को मिले। कोई भी भूखा ना रहे। सभी का राशन कार्ड बनवायें।
छात्रवृति योजनाओं में जो युवक-युवतियां योग्यता की सूची में आते हैं उन्हें कल्याण विभाग से लाभ दिया जाय। किसी छात्र-छात्रा की छात्रवृति राशि लंबित ना रहे। शिक्षक, शिक्षा विभाग और कल्याण विभाग सामूहिक रूप से इस योजना का कार्यान्वयन करें। इसी तरह मध्याह भोजन, पोशाक और साइकिल का भी लाभ मिले।
धान अधिप्राप्ति में ही किसान अपना उपजा हुआ धान बेचें। इस वर्ष जिले में 16 धान अधिप्राप्ति केंद्र रहेंगे। किसान अपना निबंधन करायें। बीते वर्ष सभी किसानों को उनके धान का मूल्य 20.50 प्रति किग्रा की दर से दिया गया था। इस वर्ष भी किसानों को उनका मूल्य दिया जायेगा। किसान अपना धान बिचैलियों के हाथों औने-पौने दाम में बेचने के बजाय धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर दें।
सोना-सोबरन, साड़ी-धोती/लुंगी योजना अंतर्गत कार्डधारियों को 10-10 रूपये की दर से साड़ी-धोती या लुंगी दी जा रही है। यह जन वितरण प्रणाली की दुकान पर मिल रहा है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ध्यान दें कि सभी को इस योजना का लाभ मिले।
कंबल वितरण के लिए कंबल क्रय किये जाने की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। जाड़े के मौसम में सभी जरूरतमंद गरीबों को कंबल दिया जायेगा।

लोगों को दें जानकारी

उपायुक्त ने कहा कि सभी लोगों को योजनाओं की जानकारी पहुचे। लोग योजनाओं की जानकारी के अभाव में उसका लाभ नहीं उठा पाते हैं इसलिए लोगों को उनके क्षेत्र में बन रही सड़क, उनका आवास निर्माण, पुल की महत्ता बतायें ताकि उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। लोग उसमें अपनी रूचि लें। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी लोगों को आवश्यक जानकारी दें। योजनाओं का प्रचार-प्रसार करायें। हमें पंचायत की व्यवस्था को मजबूत बनाना है।