लोहरदगा l दिनांक 07/10/ 2021 को छत्तर बगीचा स्थित होप कार्यालय के हॉल मैं वरीयर मॉम्स द्वारा चलाए जा रहे वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर समझ विकसित करने एवं विचार विमर्श करने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया गया l इस कार्यक्रम में वारियर मोम्स दिल्ली से मुन्ना झा, नेहा व मनोरमा एक्का ने उपस्थित माताओं एवं बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हमारी धरती बीमार हो गई है और इसके सुधार हेतू धरती को संतुलित करने की आवश्यकता है ताकि हमारा आनेवाला पीढ़ी इस जलवायु परिवर्तन से सुरक्षित हो। वर्तमान समय में हमारा जिला भी विभिन्न प्रकार के वायु प्रदूषण से प्रदूषित हो चुका है चाहे वह बॉक्साइट के कारण हो या घरों से निकलने वाला कचड़ा हो या फिर क्रेशर से निकलने वाला धूल हो ।ये सभी हमे विभिन्न प्रकार के बीमारियों से ग्रस्त कर रहे हैं। वर्तमान समय में वॉरियर् मॉम्स भारत के विभिन्न राज्यों से एकजुट हुई माताओं का एक समूह है जिसमें संघर्षशील महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है l वर्तमान में वरीयर मॉम्स दिल्ली एनसीआर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, तथा पश्चिम बंगाल में क्रियाशील है l यह आंदोलन धीरे धीरे विभिन्न राज्यों में बढ़ रहा है जो जलवायु परिवर्तन एवं वायु प्रदूषण से हो रही विभिन्न स्वास्थ्य की समस्याओं एवं उनके समाधान हेतु लोगों को जागरूक कर समाधान हेतु पहल कर रही हैं इस कैंपेन में वैसी महिलाएं शामिल हो सकते हैं जो स्वस्थ हवा में सांस लेने के लिए बच्चों के अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के लिए संघर्ष करना चाहती हैं l इस कार्यशाला में लोहरदगा जिला के विभिन्न प्रखंडों से नेतृत्व करने वाली महिलाएं प्रतिभागी हुई l वॉरियर् मॉम्स की परिकल्पना एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहां स्वच्छ हवा जोकि हमारा बुनियादी मानव अधिकार है, सबके लिए खासकर हमारे बच्चों के स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए उपलब्ध हो सके l वर्तमान समय में जो आंकड़े भारतवर्ष में उपलब्ध है जो फेफड़े के रोग अस्थमा एलर्जी ब्रोंकाइटिस निमोनिया जैसी घातक बीमारियों का सामना करने से संबंधित है यह सब वायु प्रदूषण का ही परिणाम है l इस गंभीर मुद्दे पर भी विचार-विमर्श के बाद उपस्थित माताओं एवं बहनों ने शपथ लिया कि वह अपने आसपास संपर्क में आने वाली सभी माताओं एवं बहनों को इस संबंध में जागरूक करेंगी और इस कैंपेन को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने में विभिन्न पंचायत के सहिया दीदी एवम अन्य जागरूक महिलाएं मुंता तिर्की, पूपेन एक्का, सुशीला बाड़ा, बिलचेन कुजूर, रीमा कुजूर ममता उरांव, शिलवांती उरांव, बालमनी देवी, रश्मि कछप, कौशल्या उरांव, रामी उरांव, राधा महली, प्रिसकिला कुजूर, इत्यादि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई