आज होगी ब्रह्मचारिणी की पूजन

पाकुड़ । कलश स्थापना के साथ नवरात्रि व्रत प्रारंभ हो गई है।पहला दिन घट स्थापना के बाद मां शैलपुत्री की पूजा मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान के साथ की गई। आज 8 अक्टूबर को दूसरे दिन मां के दूसरे स्वरूप ब्रहमचारिणी की पूजा अर्चना की जाएगी। जानकारी के अनुसार सर्वप्रथम भगवान गणेश की पूजा अर्चना के बाद कलश स्थापना की जाती है ।अक्षत चंदन फूल बेलपत्र पान सुपारी सप्तमत्रिका मिट्टी मिट्टी सर्वऔषधी, लोंग इलाइची नवैद्य आदि से पूजा अर्चना की जाती है। कुछ भक्त नौ दिनों तक अखंड ज्योति प्रजवल्लित करते हैं।भक्त अपने श्रद्धानुसार फलाहार कर या एक समय भोजन कर आदि नियमों से नौ दिनों तक माता के भिभिन्न स्वरूप के विधि विधान से पूजा करते हैं।देवी मां दुर्गा के पाठ प्रारम्भ होगी । मां दुर्गा के पाठ 13 अध्यायों मे विभाजित है। कुछ भक्त प्रति दिन दुर्गाचलिसा का पाठ कर भजन आरती करते है।