केंद्रीय गृहराज्य मंत्री मिश्रा का पद में बने रहना घटना में भाजपा की संदिग्धता की बू आती है।

पाकुड़ । उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में देश के अन्नदाताओं के द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन में जिसप्रकार से भाजपा नेता केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के बेटे के द्वारा जानबूझकर गाड़ी से रौधकर किसानों का हत्या किया गया है वो दुर्भाग्यपूर्ण है लोकतंत्र के लिए काला धभा है देश शर्मसार हुआ है भाजपा सरकार के द्वारा लगातार किसान आंदोलन को कुचलने के प्रयास किया जा रहा है वो काफी निंदनीय है आज देश गमगीन है मौत होकर आज कई दिन बीत गए देश के प्रधानमंत्री और 2014 में यूपी के नए नए बेटा बने आदरणीय नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी के मुंह से इन किसानों के लिए एक शब्द न निकला और न ही ट्वीट किया देश के गृह मंत्री जी बंगाल में एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर पूरे बंगाल को अशांत करने के लिए पहुंच जाते है पर देश के अन्नदाताओं के मौत पर उनके परिवार के पास जाने का 2 मिंट का समय नही है ये कितना दुखद है क्या भाजपा केवल सत्ता में इसलिए आई है कि देश को अपने परम मित्रों को बेच दे सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात है जिस मंत्री के बेटे ने हत्या की वो अभी तक पद में बने है इससे ये साबित होता है कि ये घटना नही एक सोची समझी साजिश है जो भाजपा के प्रमुख नेताओ के द्वारा रची जा रही है इसमें प्रधानमंत्री गृहमंत्री और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री की सहमति भी है अगर मंत्री पद पर बने रहते है तो न्यायिक जांच में बाधा आएगी और उल्टे किसानों को फसाने का काम करेगी इसलिय्ये पहले मंत्री का इस्तीफा हो फिर बेटे की गिरफ्तारी हो तभी जांच में पारदर्शिता हो पाएगी अन्यथा ये मुमकिन नही है परसो जिसप्रकार से कांग्रेस नेत्री आदरणीय प्रियंका गांधी जी को लखीमपुर खीरी नही जाने दिया और उनके साथ जेन्स पुलिसकर्मियों ने बत्तमीजी किया वो देश ही नही दुनिया मे शर्मसार करने का काम किया है आखिर कोई बात नही है तो हमारे नेता आदरणीय राहुल गांधी जी प्रियंका गांधी जी को जाने से कियु रोका दर्द को बांटने क्या कोई नही जा सकता जब से केंद्र की सत्ता में भाजपा आई है लगातार देश को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है देश के किसान जिंदा रहेगा तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी देश का जवान को अगर समर्थन मिलेगा तो देश मजबूत बनेगा देश की संविधान रहेगा तो देश रहेगा और भाजपा इन तीनो को खत्म करने की प्रयाश कर रही है लेकिन ऐसा नही होगा।