कुडू/लोहरदगा l कुडू प्रखंड के सुकमार गांव के किसान व पीडीएस डीलर की बेटी रौशनी सिंह ने 65वी बीपीएससी की परीक्षा में परचम लहराकर पूरे गांव व जिला का नाम रौशन किया किया है। वह 333 रेंक लाने में सफलता हाशिल की है। रौशनी की सफलता से परिवार के साथ-साथ पड़ोसियों व गांव के लोग काफी खुश है। 7 अक्टूबर को रिजल्ट आने के बाद से कई लोगो का उनका घर पहुचकर बधाई देने का सिलसिला जारी है। उसका चयन बिहार में आरडीओ रूलर डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर हुआ है। लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड के सुकमार निवासी वर्तमान में कुडू टाटी निवासी मुनेश्वर कुमार और सुचिता देवी की बड़ी बेटी है। रौशनी की प्राथमिक से माध्यमिक तक कि शिक्षा लोहरदगा के उर्सलाइन कान्वेंट स्कूल से हुआ है। वह 2010 में मैट्रिक की सेकेंड जिला टॉपर भी हुई थी। प्लस टू की पढ़ाई डीएवी हेहल रांची से करने के बाद संत जेवियर कालेज रांची से अर्थशास्त्र ऑनर्स कर 2015 में गोल्ड मेडेलिस्ट बनी। उसके बाद से लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गयी। अपने दूसरे प्रयास में बीपीएससी पास करने में सफलता हाशिल किया। वह नौकरी करने के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी करना चाहती है। वह इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व पूरे परिवार को देती है। जो निम्न स्तर का जीवन यापन कर तीनो बेटियों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नही की। वही अपने बड़े पापा शिक्षक विनोद कुमार सिंह को अपना प्रेरणास्रोत मानती है।
सकारात्मक सोच के साथ कड़ी मेहनत से मंजिल जरूर मिलेगी–रौशनी
सकारात्मक सोच और लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत से कोई भी मंजिल हाशिल किया जा सकता है। कभी भी हार नही मनना चाहिए। नेगेटिव सोच व गलत लोगो की संगति से हमेशा दूर रहना चाहिए। पोजेटिव सोच और अच्छे लोगो का साथ रहने से भी ऊर्जा मिलती है। इसलिए लोगो को पोजेटिव सोच के साथ अपना लक्ष्य को पाने के लिए ईमानदारी से मेहनत करना चाहिए। यह रोशनी सिंह का मानना है। रोशनी ने सभी अभिभावकों को संदेश दिया है कि आज घर की बेटियां भी अपने मेहनत से हर क्षेत्र में आगे निकल रही है। इसलिए हर माता-पिता को बेटियों के पढ़ाई में कोताही नही बरतना चाहिए।
बच्चो की पढ़ाई में नही किया समझौता- मुनेश्वर

अफसर बनी बेटी के पिता मुनेश्वर का कहा है कि विकट स्थिति में भी हमने कभी बच्चो के पढ़ाई के साथ कुछ समझौता नही किया। हालांकि कुछ वर्षों से माली हालत खराब हो जाने के कारण हिम्मत जबाब दे रहा था। लेकिन बेटी के इस बीपीएससी में सफल हो जाने से उनका हौशला काफी बढ़ गया। तीन बेटियों में सबसे बड़ी बेटी रौशनी है। वही दूसरी बेटी ज्योति को भी डीएलएड करा दिया है। तीसरी छोटी बेटी बिरसा कृषि अनुसंधान केंद्र रांची से एग्रीकल्चर का कोर्स कर रही है। सबसे छोटा बेटा दुर्गेश कुमार इसी साल मैट्रिक परीक्षा पास किया है।
नवरात्रा में मा दुर्गा का आशीर्वाद मिला-सुचिता देवी
शारदिय नवरात्रा का पहला दिन ही बीपीएससी का रिजल्ट आने और मेरी बेटी का सफलता बेटी की कड़ी मेहनत के साथ-साथ माता दुर्गा का बहुत बड़ा आशीर्वाद मिला है।