हजारीबाग । बानादाग में पिछले पांच दिनों से चल रहा आंदोलन रविवार की सुबह हिंसक हो गया। सुबह 9:00 बजे के करीब पुलिस दल बल के साथ धरनास्थल पर सड़क को खुलवाने पहुंची थी। ग्रामीण सड़क किसी भी हाल में खाली करने को नहीं मान रहे थे। इसी बीच पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हो गई जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करना शुरू कर दिया। दोनो तरफ से पत्थर चलने शुरू हो गए जिसके बाद पुलिस के द्वारा पानी के फव्वारे आंदोलनकारियों पर छोड़े गए। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और लाठी चार्ज के साथ आंसू गैस के गोले छोड़े जाने लगे। इतने पर भी जब आंदोलनकारी पीछे नहीं हट रहे थे और हिंसा लगातार जारी थी तब जा कर पुलिस ने रबर की गोलियां भी चलानी शुरू कर दी। हिंसा जारी ही थी की इसी बीच बड़कागांव विधायक घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराने का काम किया। अंबा प्रसाद ने दो आंदोलन की अगवाई कर रहे लोगों से बात की जिसमे एक पुरुष और एक महिला शामिल थीं। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और डीसी से बात होने की बात पर शांत तरीके से डीसी से मिलने विधायक अंबा प्रसाद के साथ चल पड़े। हिंसा के दौरान आंदोलनकारियों ने भारी संख्या में गाड़ियों की तोड़ फोड़ की। करीब करीब 15-18 पुलिस के वाहन तोड़ दिए गए। तो वहीं ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया है की पुलिस के द्वारा उनके वाहन, उनके द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरा में तोड़ फोड़ की गई है। हिंसा के दौरान भरी संख्या में पुलिस संग आंदोलन कारी भी घायल हुए हैं। फिलहाल पुलिस भारी संख्या में घटनास्थल पर कैंप किए हुए है।