हजारीबाग । भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने सदर बीडीओ के खिलाफ बयान जारी कर कहा कि भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को गूंगी बहरी सरकार, निरंकुश अधिकारियों के खिलाफ धरना, प्रदर्शन, रैली, अनशन के माध्यम से विरोध करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। समय-समय पर संविधान प्रदत्त इन अधिकारों का प्रयोग किया जाता रहा है। इसी कड़ी में सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी के तानाशाही रवैया के खिलाफ 8 अक्टूबर को भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय परिसर में धरना दिया, इसके परिणाम स्वरूप उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से एक स्पष्टीकरण की मांग की है जिसमें 3 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है। इस कार्रवाई से प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सदर विधायक सहित दर्जनों भाजपा नेताओं एवं 1000 अज्ञात के खिलाफ कोविड-19 के उल्लंघन का मामला सदर थाना में दर्ज कराया है। इस संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी से पूछना चाहता हूं कि करोना वारिस केवल भाजपा के कार्यकर्ताओं के ईद गिर्द घूमता है। सत्ताधारी दल के कार्यक्रम में हजारों भीड़ जुटी है तो क्या करोना वायरस वहां से भाग जाता है। आगे उन्होंने कहा कि सत्याग्रह से अंग्रेज देश छोड़कर भागे। इंदिरा गांधी जैसी तानाशाह का अंत हुआ। भाजपा का तो इतिहास ही संघर्ष का है। जनता से टकराने की हिमाकत ना करें। जब तक पद पर हैं जनहित में काम करते रहेंगे। हर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है